सट्टा बाजार गरम, पुलिस प्रशासन नरम!
बिरसा थानांतर्गत बिरसा,पल्हेरा,दमोह,कचनारी और सालेटेकरी आदि जगहों पर इन दिनों सट्टा बाजार जोरो पर है जिस पर पुलिस का कोई खौफ नही है।एक का 90 बनाने के चक्कर मे कई घर बर्बाद हो रहे हैं।आये दिन सट्टा प्रेमियों के घरों में कलह की स्थित निर्मित होती है।सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम पल्हेरा में विद्यालय के सामने ही खुलेआम सट्टा लिखा व खिलाया जाता है।जिसका असर विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं पर पड़ता है।इस दलदल में विद्यार्थियों से लेकर आम आदमी फंसता जा रहा है जिस पर पुलिस का अंकुश लगना बहुत जरूरी है।चूंकि जिस स्थान पर सट्टा का नम्बर लिखा जाता है वह विद्यालय के एकदम सामने होने के कारण वहाँ पर हमेशा भीड़भाड़ रहती है जिससे विद्यालय अनजाने वाली छात्राये भी असहज महसूस किया करती हैं।यही हाल लगभग सालेटेकरी पुलिस चौकी के ग्राम कचनारी का भी है।बाजार चौक स्थित तालाब के पास खिलाया जाने वाला सट्टा से यहाँ के लोगो का जीना मुश्किल हो गया है।आसपास रहने वालों ने बताया कि इसकी जानकारी पुलिस चौकी सालेटेकरी के अधिकारी कर्मचारी को भी है लेकिन भारी भरकम चढ़ोत्तरी से पुलिस वाले आंख बंदकर सबकुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं।जो निश्चित ही निंदनीय है।कचनारी में भी जिस जगह सट्टा का खेल खेला जाता है वहां पर भी हायर सेकेंडरी स्कूल है जहां रोजाना छात्र छात्रएं अध्ययन हेतु आते हैं।कई बार इस बारे में पुलिस चौकी सालेटेकरी को सूचित किया गया है लेकिन सट्टा खिलाने वालो पर कोई कार्यवाही न करना पुलिस की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आती है।ग्रामीण क्षेत्रों में सट्टा बाजार का जाल इतना ज्यादा फैल चुका है कि इस पर जल्द ही काबू नही पाया गया तो बहुत सारे घर तबाह हो जाएंगे।सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार कुछ वर्ष पहले बिरसा में रहकर सट्टा खिलाने वाला खाईवाल छत्तीसगढ़ में पनाह लेकर वही से अपने एजेंटों के माध्यम से पूरे बिरसा तहसील में गंदगी फैला रहा है जिसका कहीं न कहीं पुलिस प्रशासन मदद कर रहा है।बड़े बड़े क्राइम को सुलझाने वाली पुलिस को क्या खुलेआम हो रहे इस अवैध कारोबार की भनक नही रहती?जब कि इस अवैध कारोबार को सरकार ने बैन कर रखा है और पकड़े जाने पर सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है।तो क्या कारण है कि पुलिस प्रशासन के द्वारा इस पर लगाम नही लगाया जा रहा है।अब देखना यह है कि बिरसा थाना प्रभारी और बिरसा तहसीलदार के संज्ञान में जानकारी आने के बाद इस अवैध कारोबार पर क्या कार्यवाही होती है?
इनका कहना है-इस बारे में मुझे जानकारी नही थी,जल्द ही उच्च अधिकारियों को सूचित कर इस कारोबार में लिप्त लोगो के ऊपर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
देवंती परते, तहसीलदार बिरसा


















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