अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
वाशिंगटन -- भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मरणोपरांत अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान कांग्रेशनल गोल्ड मेडल से सम्मानित करने संबंधी एक प्रस्ताव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में दूसरी बार पेश किया गया। अमेरिकी सांसद ने शांति और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिये महात्मा गांधी को सम्मानित करने का प्रस्ताव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश किया है। अगर यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो महात्मा गांधी अमेरिकी कांग्रेस का स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले पहले भारतीय होंगे। न्यूयॉर्क से कांग्रेस सदस्य कैरोलिन बी० मेलोनी ने प्रतिनिधिसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पेश करते हुये कहा कि विरोध प्रदर्शित करने के महात्मा गांधी के अहिंसक एवं ऐतिहासिक सत्याग्रह अभियान ने राष्ट्र और विश्व को प्रेरित किया , उनका उदाहरण हमें प्रोत्साहित करता है कि हम स्वयं को दूसरों की सेवा में समर्पित करें। उन्होंने आगे कहा कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नस्ली समानता के लिये अभियान हो या फिर नेल्सन मंडेला की रंगभेद के खिलाफ लड़ाई , दुनियां भर के अभियानों ने उनसे (गांधी से) प्रेरणा ली है। एक लोक सेवक होने के नाते मैं उनके साहस और उनके आदर्श से प्रतिदिन प्रेरित होती हूं। हम गांधी के इस निर्देश का पालन करें कि जो परिवर्तन आप दुनियां में देखना चाहते हैं , सबसे पहले वह परिवर्तन आप स्वयं में लायें। कैरोलिन का तर्क है कि जब पूरा विश्व बापू की 150 जयंती मना रहा है , तब उन्हें कांग्रेसनल गोल्ड मेडल से सम्मानित किया ही जाना चाहिये। गौरतलब है कि इससे पहले यह सम्मान जॉर्ज वॉशिंगटन , नेल्सन मंडेला , मार्टिन लूथर किंग जूनियर , मदर टेरेसा और रोजा पार्क्स जैसी महान हस्तियों को दिया जा चुका है। महात्मा गांधी को यह सम्मान देने के लिये वर्ष 2018 में पहली बार प्रस्ताव पेश किया गया था , उस वक्त इस प्रस्ताव को चार अमेरिकी भारतीयों के साथ आधा दर्जन प्रभावशाली अमेरिकी सीनेटर्स ने पेश किया था। उस वक्त इन लोगों ने तर्क दिया था कि महात्मा गांधी के अहिंसा के प्रति योगदान को देखते हुये कांग्रेसशनल गोल्ड मेडल उन्हें प्रदान करना सर्वथा उपयुक्त होगा।


















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