Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Saturday, August 14, 2021

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनेगा चौदह अगस्त -- पीएम मोदी

 



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त का दिन "विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस" के तौर पर मनाने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुये कहा है कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दिन नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा था। उनकी बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने का फैसला किया गया है। यह दिन हमें भेदभाव , वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिये ना केवल प्रेरित करेगा , बल्कि इससे एकता , सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनायें भी मजबूत होंगी। गौरतलब है कि देश के इतिहास में 14 अगस्त की तारीख आंसुओं से लिखी गई है। इस दिन भारत मां का सीना छलनी हुआ था और देश के दो टुकड़े हुये थे। यही वह दिन था जब देश का विभाजन हुआ और 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान व 15 अगस्त 1947 को भारत को एक पृथक राष्ट्र घोषित कर दिया गया था। इस विभाजन में ना केवल भारतीय उप-महाद्वीप के दो टुकड़े किये गये बल्कि बंगाल का भी विभाजन किया गया और बंगाल के पूर्वी हिस्से को भारत से अलग कर पूर्वी पाकिस्तान बना दिया गया जो 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेश बना। कहने को तो यह एक देश का बंटवारा था, लेकिन दरअसल यह दिलों का , परिवारों का , रिश्तों का और भावनाओं का बंटवारा था। भारत मां के सीने पर बंटवारे का यह जख्म सदियों तक रिसता रहेगा और आने वाली नस्लें तारीख के इस सबसे दर्दनाक और रक्तरंजित दिन की टीस महसूस करती रहेंगी।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad