अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली - पचहत्तरवें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा गांधी जी ने हमें सिखाया है कि गलत दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने से अच्छा है सही दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ा जाये। कई पीढ़ियों के ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमारी आज़ादी का सपना साकार हुआ था। उन सभी ने त्याग व बलिदान के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किये , मैं उन सभी अमर सेनानियों की पावन स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। मैं जम्मू-कश्मीर के निवासियों , विशेषकर युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी आकांक्षाओं को साकार करने के लिये सक्रिय होने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारे लिये गर्व की बात है कि भारत ने ना केवल पेरिस जलवायु समझौते का पालन किया है , बल्कि जलवायु की रक्षा के लिये तय की गई प्रतिबद्धता से भी अधिक योगदान कर रहा है। महामहिम ने कहा कि हमारा लोकतन्त्र संसदीय प्रणाली पर आधारित है , अतः संसद हमारे लोकतन्त्र का मंदिर है। यह सभी देशवासियों के लिये बहुत गर्व की बात है कि हमारे लोकतंत्र का यह मंदिर निकट भविष्य में ही एक नये भवन में स्थापित होने जा रहा है।राष्ट्रपति कोविंद ने आगे कहा कि सरकार ने इस विशेष वर्ष को स्मरणीय बनाने के लिये कई योजनाओं का शुभारम्भ किया है। ‘गगनयान मिशन’ उन अभियानों में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा एग्रीकल्चरल मार्केटिंग में किये गये अनेक सुधारों से हमारे अन्नदाता किसान और भी सशक्त होंगे और उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त होगी। महामहिम ने आगे कहा जब ‘ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस’ की रैंकिंग में सुधार होता है , तब उसका सकारात्मक प्रभाव देशवासियों की ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ पर भी पड़ता है। मुझे इस बात की खुशी है कि सभी बाधाओं के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में – विशेष रूप से कृषि के क्षेत्र में – बढ़ोत्तरी जारी रही है। यह तथ्य संतोषजनक है कि चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिये एक वर्ष की अवधि में ही 23,220 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न टोक्यो ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है , उन पर पूरे देश को गर्व है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि मैं हर माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे होनहार बेटियों के परिवारों से शिक्षा लें और अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करें।महामहिम राष्ट्रपति ने जोर देते हुये कहा कि इस समय वैक्सीन हम सबके लिये विज्ञान द्वारा सुलभ कराया गया सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि वे प्रोटोकॉल के अनुरूप जल्दी से जल्दी वैक्सीन लगवा लें। हालांकि इस समय महामारी की तीव्रता में कमी आयी है लेकिन कोरोना-वायरस का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। हर तरह के जोखिम उठाते हुये हमारे डॉक्टरों , नर्सों , स्वास्थ्य कर्मियों , प्रशासकों और अन्य कोरोना योद्धाओं के प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा रहा है। मुझे इस बात का बेहद दुख है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान देश में बहुत लोगों ने अपनों को खोया , ये समय बहुत मुश्किल था। राष्ट्रपति ने कहा कि मैं पूरे देश की तरफ से दु:खी एवं पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.