कोरोना महामारी पर भारी यारी, वर्षो के बाद मित्रता दिवस पर एक-दूसरे से मिले बिछड़े दोस्त
बालाघाट, विश्वव्यापी महामारी कोरोना ने जहां समूचे देश की अर्थव्यवस्था बिगाड़ रखी है। वहीं इस महामारी के दौर में ना जाने कितने लोग अपनो से बिछड़े है तथा कई लोगो ने अपने संबंधितो और खास दोस्तो को भी खोया है। किन्तु इस महामारी के बीच कुछ रिश्ते सुनने-पढऩे मिलते भी है जो इस दौर में भी हमारी सकारात्मक ऊर्जा को बढावा दे रहे है। एैसा ही कुछ अगस्त माह में मनाये जाने वाले मित्रता दिवस पर शहर में देखने को मिला, जब शहर की दादाबाडी जैन विद्यालय बालाघाट के वर्ष २००० बैच के छात्र-छात्राएं बीस बरसो के लंबे अंतराल के बाद मित्रता दिवस पर इस उत्सव को मनाने एकत्रित हुए तो इन दोस्तो की खुशी का ठिकाना नही रहा।
२० वर्षो के बाद व्यापार, नौकरी, विवाह या फिर अन्य कारणो से एक-दूसरे से दूर हुए मित्र नेहा चतुरमोहता, ऋषभ लोढ़ा, शिवानी संचेती, अजय कामड़े, नेहा पगारिया, दीपक चांदवानी तथा अवतार विधानी ने मित्रता दिवस पर मिलकर दोस्ती के नाम केक काटकर इस उत्सव को मनाया तथा इन्होने अपने जीवन के बीस बरसो में आये उतार चढाव को भी साझा किया। वहीं फ्रेंडशिप डे पर वर्षो बाद एक-दुसरे से मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए इन्होने चर्चा में कहा कि दोस्ती, पवित्र मन का मिलन होती है। आज फ्रेंडशिप डे को पूरी दुनिया में उत्साह के साथ मनाया जाता है, क्योंकि ऐसा शायद ही कोई व्यक्ति हो जिसका कोई दोस्त न हो, जो दोस्ती की एहमियत न जानता हो। हम सभी की जिंदगी में कम या ज्यादा लेकिन दोस्त जरूर होते हैं, दोस्तों के साथ बिताया समय किसे अच्छा नही लगता है, खासकर बचपन की दोस्ती तो बहुत गहरी होती है, जिनकी यादें सदा के लिए मन में बस जाती है। वही मित्रता दिवस पर इस उत्सव को मनाने एक रेस्टॉरेंट में एकत्रित हुए इन मित्रो ने सभी को जीवन के इस कठिन दौर में आपसी एकजुटता, स्नेह तथा प्रेम से रहने का संदेश भी दिया। सी एन आई न्यूज़ बालाघाट से आनंद रन गिरे की रिपोर्ट


















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