*बाहुबली शराब माफियाओं पर हाथ डालने से कतराता आबकारी महकमा*
*सफेद हाथी की काली कमाई का हिस्सेदार बना खनिज विभाग का अमला*
*सिवनी*
*जिले में काली ओर सफेद कमाई के बड़े स्रोतों में शराब और रेत के कारोबार को देखा जाता है इसलिए जब भी इन कुबेरी धंधों की नीलामी होती है तो जिले समेत अन्य जिलों के सारे कारोबारी सिंडिकेट बना कर बाहुबल दिखाते है ।फिर जिनको ठेका मिल जाता है वे लोग आबकारी ओर खनिज अमले के साथ अपने लाइलेंसी कारोबार को काला सफेद करते है और जिनको ठेका नही मिलता वे लोग बड़े पैमाने में अवैध सप्लाई कर सरकारी मातहदों ओर खुद की जेब गर्म करते है।*
*शराब के धंधों में तस्करी करने वाले लोग वे है जो अपने उच्चतम पकड़ रखने के चलते बेबाकी से गाँव गाँव बेखोफ शूरा परोस रहे होते है ।*
*वही अवैध शराब विक्री में लायसेंसी ठेकेदार भी बड़ा खेल करते है जो अपने इलाके की लायसेंसी दुकानों के अलावा अन्य इलाकों में पेकारी तंत्र के माध्यम से शराब की सप्लाई करते है ओर इस काम मे आबकारी का ना केवल स्थानीय महकमा बल्कि जिले के विभागीय अधिकारी की ना केवल मूक सहमति होती है बल्कि इन अधिकारियों के संज्ञान में लाकर काले कारोवार को अंजाम दिया जाता है।*
*रेत के खेल में भी खनिज विभाग की संदिग्ध कार्य प्रणाली जग जाहिर है । तमाम बन्दीसो ओर सरकारी तौर पर नदियों से रेत उत्खनन पर रोक होने के बाद रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक रेत के डंप एरिया में 6.10.ओर 12 चका डम्भरो ओर बड़ी jcb मशीनों की आवाज जिम्मेदार अफसरों के कान में सिर्फ इसलिये नही जाती क्योकि नोटो की बड़ी गीड़डी उनके कानो में ठूस दी जाती है।*


















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