महासमुंद 07 अगस्त 2021/ विद्यार्थी राष्ट्र की बुनियाद है और शिक्षक राष्ट्र के निर्माता। शिक्षक बच्चों को गढ़कर सुरक्षित भविष्य की नींव तैयार करता है क्योंकि बच्चे ही राष्ट्र के भावी कर्णधार है। स्वाभिमानी शिक्षक ही स्वाभिमानी राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उपरोक्त विचार थे खरोरा स्कूल में शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि के आसंदी से ग्राम पंचायत की सरपंच सुनीता देवदत्त चन्द्राकर के। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेशोत्सव में मुख्य अतिथि ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते सम्पूर्ण जनजीवन प्रभावित हुआ है। डेढ़ वर्षों से शालाएं नहीं लग पा रही है, बच्चों की पढ़ाई पर इसका गहरा असर पड़ा है, अब पुनः सावधानी बरतते व कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पटरी पर लौटना होगा। कार्यक्रम का प्रारंभ नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर व मुंह मीठा कराकर किया गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा बच्चों को नि: शुल्क पाठ्यपुस्तक व गणवेश का वितरण किया गया। विशिष्ट अतिथि देवदत्त चन्द्राकर ने बच्चों को मास्क लगाकर नियमित शाला आने का आह्वान किया और शिक्षकों से आग्रह किया कि विद्यार्थियों को जो पढ़ाई का नुकसान हुआ है उसकी पूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाएं। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक उमेश भारती गोस्वामी ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने पालकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आप अपने बच्चों को नियमित शाला भेजिए हमारा प्रयास होगा बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर उनका सर्वांगीण विकास करना।
इस अवसर पर उपसरपंच प्रतिनिधि कौशल चन्द्राकर, वरिष्ठ शिक्षक डोमार साहू, शाला प्रबंधन समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।
प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को सफल बनाने में गायत्री चन्द्राकर, रामेश्वरी ध्रुव, मोना चन्द्राकर, माया भोसले, प्रीति तिवारी, डोमेश्वरी गजेन्द्र, कुमुदिनी चन्द्राकर, ओमप्रकाश शर्मा का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक चन्द्रकान्त चन्द्राकर ने किया।




















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