लोकेशन-सुकमा
संवाददाता-संजय सिंह भदौरिया
आत्मसमर्पित नक्सली लीडर मुया ने खोले कई राज-कहा आने वाले दिनों में कई नक्सली करने वाले हैं सरेंडर*
*पुलिस कैम्प लगने के बाद उखड़ने लगे हैं नक्सलियों के पैर*
*बाहरी नक्सली करते हैं क्षेत्रीय नक्सलियों का शोषण,मै खुद हूँ भुक्त भोगी,जीवन के 15 साल संगठन को दिया मगर नक्सली करते हैं इस्तेमाल:पूर्व नक्सली मुया*
*पूना नर्कोंम हमारे लिए नई उम्मीद की किरण बनकर आया,कई नक्सली सरेंडर करने के फ़िराक़ मे है:केरलापाल एरिया कमेटी सचिव मुया*
सुकमा:सरकार की पुनर्वास नीति एवं ज़िला सुकमा पुलिस द्वारा संचालित पूना नर्कोंम अभियान के तहत आज आतंक का पर्याय माना जाने वाला केरलापाल एरिया कमेटी सचिव मुया सोढ़ी ने सुकमा एसपी सुनील शर्मा एवं CRPF डीआईजी योज्ञान सिंह के समक्ष आत्मसमर्पण किया.
सोढ़ी मुया नक्सली संगठन मे रहते बाहरी नक्सलियों के आदेश पर करता था अपने ही लोगों पर अत्याचार.
मुया पर 20 से ज़्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं,मुया पर सरकार ने 8 लाख का ईनाम भी घोषित किया था.
*मुया ने बताया रामन्ना की मौत के बाद नेतृत्वहीन हुआ संगठन.*
आत्मसमर्पित नक्सली केरलापाल एरिया कमेटी सचिव सोढ़ी मुया ने बताया नक्सली लीडर रामन्ना के मौत के बाद संगठन को संभालने वाला कोई नही बचा,आपस मे नक्सली लीडरों मे नेतृत्व को लेकर पड़ी है फूट.
कैम्प जहाँ जहाँ बने वहाँ से नक्सलियों के पैर उखड़े हैं,मुया ने कहा के कैम्प स्थापित होने के बाद तेज़ी से हो रहे विकास से लोगों का मुख्यधारा के ओर आकर्षित हो रहे हैं एवं नक्सलियों से मोह भंग हो रहा है.
मुया ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा के सिलगेर एवं अन्य कैम्प के विरोध में नक्सलीग्रामीणों पर दबाव बनाकर विरोध करने भेजते हैं,नही जाने पर 500 से लेकर 10 हज़ार तक का जुर्माना लगाते हैं.
क्षेत्रीय नक्सली बीमार होने पर बाहरी नक्सली नही करवाते हैं ईलाज,30 वर्ष तक संगठन के लिए काम किए विनोद दादा को मरने के लिए छोड़ दिया जिसके वजह से वो बेमौत मर गया,कई नक्सली लीडर कोरोना से मरे ऐसा आत्मसमर्पित नक्सली मुया ने बताया.
मुया ने बताया सरकार के विकास कार्यों से प्रभावित होकर लोग जुड़ रहे हैं मुख्यधारा से,मुया ने कहा नक्सली सपोर्टर एवं छोटे बड़े केडर के नक्सली आत्मसमर्पण करने के फ़िराक़ मे है.


















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