अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
अंबिकापुर -- बुधवार देर रात एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने पड़ोसी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी तीन बच्चों का बाप है जो वह महिला से प्रेम संबंध बनाना चाहता था। महिला के बार बार मना करने पर आरोपी ने घर में घुसकर चाकू से महिला का गला रेत दिया। इसके बाद उसने महिला के दस साल के बच्चे और ससुर की भी निर्ममता से हत्या कर दी।
यह हृदयविदारक लोमहर्षक घटना उदयपुर क्षेत्र के लैंगा गांव में घटित हुई , जहां गुरूवार की सुबह कलावती सिरदार (27 वर्षीया) पत्नी स्व.भजन सिरदार का शव घर में पड़ा मिला था। जबकि उसके 10 साल के बेटे चंद्रिका का शव घर से करीब 50 मीटर दूर सड़क किनारे और ससुर मेघूराम सिरदार (52 वर्षीय) का शव वहीं से थोड़ी दूर मिला था। महिला अपने बेटे के साथ रहती थी, जबकि मेघूराम पड़ोस के मकान में रहता था। तीनों की गला रेत कर हत्या की गई थी , बच्चे के पेट में भी चाकू से वार किया गया था। पुलिस द्वारा इस संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ करने पर अवैध संबंधों की बात सामने आयी। ग्रामीणों ने बताया कि मेघूराम के चार बेटे हैं, लेकिन सब अलग-अलग रहते हैं। कलावती के पति भजन सिरदार की तीन साल पहले मौत हो चुकी है , उसने जहरीला पदार्थ पीकर जान दे दी थी। इसके बाद से कलावती घर में ही शराब बनाकर बेचने लगी। इसके चलते ग्रामीणों का भी घर में आना-जाना लगा रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि देर रात चिल्लाने की आवाज सुनी थी , लेकिन कोई ऐसे ही शोर कर रहा होगा सोचकर कोई नही गया। इस बीच पुलिस ने महिला के पड़ोसी अरविंद सिदार को संदिग्ध मान हिरासत में लिया था। उसके चेहरे और शरीर पर खून के धब्बे मिले थे। पुलिस ने पूछताछ की तो अरविंद पहले तो गुमराह करता रहा , फिर सख्ती की गई तो हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने महिला को खुद का प्यार स्वीकार ना करने पर जान से मारना चाहा महिला को मारते वक्त महिला के बच्चे और ससुर ने उसे देख लिया इस कारण आरोपी ने बच्चे और बुजुर्ग की भी जान ले ली। अरविंद ने पुलिस को बताया कि वह कलावती से प्रेम संबंध बनाना चाहता था, लेकिन वह बार-बार मना कर देती थी। इस बीच एक अन्य युवक से उसके घर आते देखा तो भड़क गया। बुधवार रात करीब बारह बजे अरविंद कलावती के घर पहुंचा। उसके दरवाजा खोलने के बाद कलावती गुस्से में चिल्लाने लगी कि इतनी रात को क्यों आये हो ? इस पर अरविंद ने चाकू से कलावती पर वार कर दिया, लेकिन बचने की कोशिश में उसके बेटे चंद्रिका के पेट में लग गया। पेट में चाकू लगते ही चंद्रिका निकल कर घर से बाहर भागा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर गया। इसके बाद अरविंद ने पहले कलावती का गला रेत दिया, फिर सड़क पर बेहोश पड़े चंद्रिका पर पुन: चाकू से उसकी गर्दन पर वार करते हुये निर्ममता पूर्वक उसका भी गला काट दिया। शोर और चीख-पुकार सुनकर ससुर मेघूराम पहुंचे तो आरोपी ने उनको भी मार डाला। इसके बाद चाकू खेत में छिपा दिया जबकि खून से सने कपड़े और कलावती का मोबाइल जला दिया। पुलिस ने चाकू और जले हुये कपड़े व मोबाइल बरामद कर लिये हैं। पुलिस ने आरोपी युवक को धारा 302 , 201 भादवि के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस संपूर्ण कार्रवाही में पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काबले , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला , एसडीओपी अखिलेश कौशिक , कुलदीप कुजूर , दिलाबाग सिंह , थाना प्रभारी उदयपुर प्रभारी लखनपुर संदीप कौशिक, सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा , विनय सिंह , राजेन्द्र प्रसाद सिंह , शत्रुधन सिंह, संतोष गुप्ता, भोजराज पासवान एवं अजित मिश्रा की अहम भूमिका रही।


















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