Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, November 11, 2021

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया छठ पर्व उगते सूरज को अ‌र्घ्य देखकर विधि विधान से किया गया पूजा अर्चना*

 


*हर्षोल्लास के साथ मनाया गया  छठ पर्व उगते सूरज को अ‌र्घ्य देखकर विधि विधान से किया गया पूजा अर्चना*


 कोरबा:-गुरुवार की सुबह उगते सूर्य को अ‌र्घ्य दान के साथ सूर्योपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ व्रत का समापन हुआ। बुधवार को छठ घाटों पर हजारों छठ व्रतियों ने पूरे उत्साह व श्रद्धा विश्वास के साथ अस्त होते भगवान सूर्य को पहला अ‌र्घ्य दिया। इसके लिए छठ घाटों पर भीड़ उमड़ पड़ी थी। वहीं छठ घाट झिलमिल सितारों की रोशनी से जगमगा उठे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जगह-जगह पुलिस बल को तैनात किया गया था। छठ महाव्रत को लेकर हजारों व्रतधारी महिला-पुरुष दोपहर बाद अपने घर से सूप-दउरा में छठ पूजन सामग्री सजाकर गाजे-बाजे के साथ छठ घाट की ओर रवाना होने लगे थे।




उनके साथ उनके परिजन व मोहल्ले के लोग छठ मईया के गीत गाते हुए श्रद्धा व उमंग के साथ छठ घाट पर पहुंच रहे थे। यह सिलसिला दोपहर से लेकर शाम तक चलता रहा। देखते ही देखते छठ घाट व्रतियों व श्रद्धालुओं से भर गया। छठ घाट पर पहुंच अस्त होते भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य दान कर व्रतियों ने छठ मईया की आराधना प्रारंभ किया। – छठ गीत से गूंजते रहा वातावरण: वैसे तो छठ महाव्रत को लेकर दिन-रात वातावरण छठ गीतों से गूंजते रहा। पर शाम होते ही छठ घाट पारंपरिक छठ गीतों से गूंज उठा।  व्रती पूरे रात छठ घाट पर आराधना करते रहे। पूरे रात छठी मईया की आराधना करने के बाद उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देकर व्रतियों ने चार दिवसीय व्रत का समापन किया।

दूधिया रोशनी से जगमगाया छठ घाट: छठ महापर्व के अवसर पर बालको राम मंदिर के समीप छठ घाट सहित सभी छठ घाट दूधिया रोशनी से जगमगा रहे थे।  रंग-बिरंगी रोशनी से नहाए छठ घाट आकर्षण का केंद्र बने रहे। । छठी मईया के प्रति आस्था ऐसी होती है कि व्रती उनके परिवार के सदस्य छठ घाटों पर नंगे पांव पहुंचकर पूजन अर्चन करते हैं। घाट चाहे कितना दूर क्यों ना हो व्रती व उनके परिजन पैदल व नंगे पांव ही छठ घाटों पर जाकर डूबते सूर्य को अ‌र्घ्य देकर छठी मईया की आराधना पूरी रात करते हैं।

 मान्यता है कि पानी में खड़े होकर ही अर्ध्य देना है। इस नाते भी हर कोई नदी और जलाशय के पानी तक पहुंचना चाह रहा था। धक्का मुक्की के बीच किसी तरह लोगों ने भगवान भाष्कर को अर्ध्य दिया  विभिन्न  संगठन ने इस पावन अवसर पर  अपने सहयोग से चाय नाश्ता की व्यवस्था रखी  थी । 



No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad