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Sunday, November 28, 2021

एक तरफ़ा निर्णय का विरोध करता है :- एम.पी.सिंह

 भारतीय मजदूर संघ सेल प्रबंधन के इस एक तरफ़ा निर्णय का विरोध करता है :- एम.पी.सिंह 




वर्तमान सेल प्रबंधन तानाशाही रवैया अपनाते हुए तुगलकी फरमान जारी करने पर तुला हुआ है 



दल्लीराजहरा :- विगत दिनों सेल प्रबंधन द्वारा दो ऐसे आदेश पारित किये गए हैं जिसका सीधा असर सेवानिवृत्ति के बाद कर्मियों के ऊपर पड़ना निश्चित है। एक आदेश के तहत सेल प्रबंधन द्वारा कर्मियों के ग्रेच्युइटी कैलकुलेशन में फेर बदल करते हुए ऐसे नियम डाले गए हैं जिससे सेवा निवृत्ति की उपरांत गाइट अधिशासी कर्मियों का ग्रेच्युइटी सीलिंग २० लाख रुपये हो गया है तथा दुसरे आदेश के तहत सेल प्रबंधन ने गैर अधिशासी कर्मियों के पेंशन अंशदान को ०१ नवंबर २०२१ से ६% से बढाकर ९% कर दिया है। उक्त दोनों आदेश सेल प्रबंधन ने बिना एनजेसीएस के सदस्य यूनियन के अनुमोदन के पारित किया है जिसका स्पष्ट मतलब निकलता है के वर्तमान सेल प्रबंधन तानाशाही रवैया अपनाते हुए तुगलकी फरमान जारी करने पर तुला हुआ है और उसके नजर में एनजेसीएस जैसे महत्वपूर्ण संस्था का कोई वजूद नहीं है। 

इस सम्बन्ध में भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध खदान मजदूर संघ भिलाई के अध्यक्ष (केंद्रीय) एम.पी.सिंह ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ सेल प्रबंधन के इस एक तरफ़ा निर्णय का विरोध करता है और यह मांग करता है कि ऐसे कोई भी निर्णय जिससे कर्मियों पर किसी भी तरीके का प्रभाव पड़ना तय है उसका फैसला एनजेसीएस फोरम में हीलिया जाना चाहिए। किन्तु सेल प्रबंधन अपने तानाशाही रवैये पर चलते हुए जिस तरह से एनजेसीएस फोरम का लगातार अनदेखी कर रहा है उससे एनजेसीएस फोरम पर ही प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं और सेलप्रबंधन के इस रवैये से कर्मियों के बीच रोष उत्पन्न हो रहा है जो आने वाले समय में कंपनी के लिए हितकारी नहीं है। भा.म.सं. का यह स्पष्ट मानना है कि अगर प्रबंधन समस्त गैर अधिशासी कर्मियों को वर्ष २०१२ से ९% पेंशन अंशदान देता है २० लाख के ग्रेच्युइटी सीलिंग की बात पर विचार किया जा सकता है। भा.म.सं. का यह स्पष्ट मानना है कि सेल प्रबंधन के इस आदेश से वरिष्ठ कर्मियों को नुकसान होगा जिसका भरपाई सेल प्रबंधन द्वारा ०१ नवंबर २०२१ से ९% पेंशन अंशदान देने से भी नहीं होगा। 

जहाँ तक एनजेसीएस का सवाल है तो यह फोरम सेल कर्मियों के हितों से सम्बंधित किसी भी नीति पर द्विपक्षीय वार्ता कर हल निकालने के लिए गठित किया गया था लेकिन विगत कुछ समय से सेल प्रबंधन अपने तानाशाही  प्रवृत्ति को उजागर करते हुए बिना किसी वार्ता के कई आदेश पारित करते जा रहा है जिसका कर्मियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना निश्चित है। मामला चाहे कर्मियों के वेतन समझौते का हो या फिर अधिकारीयों द्वारा भ्रष्टाचार करके कंपनी के साथ धोखाधड़ी का हो सेल प्रबंधन हमेशा से दोहरी नीति अपनाते हुए कर्मियों को लाभ देने में आनाकानी करता आ रहा है और दूसरी तरफ अधिकारी वर्ग जो कि भ्रष्टाचार में लिप्त है उन्हें अधिक से अधिक लाभ पहुंचा रहा है जिसका भा.म.सं. खुलकर विरोध करता है। अंत में उन्होंने कहा कि सेल के सभी इकाईओं में सेल प्रबंधन के इस तुगलकी आदेश का विरोध हो रहा है और भा.म.सं. यह स्पष्ट मांग करता है कि उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जावे और एनजेसीएस फोरम में अंतिम निर्णय के बाद ही इसे लागू किया जावे अन्यथा संघ द्वारा कड़े कदम उठाये जावेंगे।

एम पी सिंग

अध्यक्ष खदान मजदूर संघ भिलाई

संबद्ध भारतीय मजदूर संघ







CNI News दल्ली राजहरा से प्रदीप सहारे

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