छेड़छाड़ के आरोपी को कारावास
बालाघाट : लालबर्रा थानांतर्गत नाबालिग से छेड़छाड़ और जातिगत रूप से अपमानित करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट आनंदप्रिय राहुल की अदालत ने मामले में आरोपित साल्हे चिचगांव निवासी 22 वर्षीय युवक मेघनाथ पिता सुखराम राऊत को दोषी पाते हुए सश्रम कारावास और 45 सौ रुपये के अर्थदंड से दंडित करने और राज्य सरकार को पीड़िता नाबालिग को प्रतिकर राशि के रूप में एक लाख रुपये दिये जाने का आदेश दिया। मामले में अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन प्रभारी सरिता ठाकुर ने पैरवी की थी।
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विमलसिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 3 नवंबर 2019 की शाम करीब 6 बजे जब नाबालिग अपनी मौसी के साथ शौच के लिए गई थी इसी दौरान आरोपी नाबालिग के पास आया और छेड़छाड़ करने लगा जिससे वह घबरा गई। बुरी नियत से आरोपी मेघनाथ राउत ने उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खिचने लगा जिसपर नाबालिग ने शोर मचाया तो उसकी मौसी ने पास आकर आरोपी को उसकी हरकत पर डांटा। जिसके बाद नाबालिग और उसकी मौसी ने घर आकर घटना की जानकारी परिजनों को दिया जिसकी शिकायत परिजनों के साथ पीड़िता द्वारा लालबर्रा थाने में किए जाने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला पंजीबद्व कर विवेचना में लिया था। जिसमें पुलिस ने मामले की विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
जिसकी सुनवाई माननीय न्यायालय में चल रही थी। जिसमें फैसला देते हुए न्यायालय ने घटना के तथ्य, परिस्थिति व अपराध को देखते हुए आरोपी को धारा 354 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपये अर्थदंड, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा व सहपठित धारा 354 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रुपये अर्थदंड, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा में 6 माह का सश्रम कारावास व 5 सौ रुपये अर्थदंड, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 506 भाग.दो भादवि में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपये अर्थदण्ड से दंडित करने का फैसला दिया है।

















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