ll🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞ll
⛅ *दिनांक - 11 दिसम्बर 2021*
⛅ *दिन - शनिवार*
⛅ *विक्रम संवत - 2078*
⛅ *शक संवत -1943*
⛅ *अयन - दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु - हेमंत*
⛅ *मास - मार्ग शीर्ष मास*
⛅ *पक्ष - शुक्ल*
⛅ *तिथि - अष्टमी शाम 07:12 तक तत्पश्चात नवमी*
⛅ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद*
⛅ *योग - सिद्धि 12 दिसम्बर सुबह 06:04 तक तत्पश्चात व्यतिपात*
⛅ *राहुकाल - सुबह 09:49 से सुबह 11:10 तक*
⛅ *सूर्योदय - 06:07*
⛅ *सूर्यास्त - 17:20*
⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -
💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 *विद्याध्ययन में आनेवाली पाँच बाधाएँ* 🌷
👉🏻 *बालकों को विद्याध्ययन में पाँच बाधाओं से सावधान रहना चाहिए*
➡ *1) अभियान,*
➡ *2) क्रोध,*
➡ *3) प्रमाद ,*
➡ *4) असंयम,*
➡️ *5) आलस्य*
👉🏻 *ये पाँच दोष शिक्षा में बाधक बनते हैं |*
🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नही दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नही थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसु बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।*
💥 *विशेष ~ 12 दिसम्बर 2021 शनिवार को सुबह 06:05 से 13 दिसम्बर, रविवार को प्रातः 05:46 तक (यानी 12 दिसम्बर, शनिवार को पूरा दिन) व्यतिपात योग है।*
🌞 *~ पंचांग ~* 🌞

















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