बालाघाट।राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन की घोषणा के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने तक लोक शान्ति विक्षुब्ध होने की आशंका को दृष्टिगत रखते हुये कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचन शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के उद्देश्य से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के तहत ग्रामीण क्षेत्रो में प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी किये हैं।
जारी आदेशानुसार जिले के विकासखंड बालाघाट, वारासिवनी, लालबर्रा, कटंगी, खैरलांजी, किरनापुर, लांजी, बैहर, बिरसा एवं परसवाड़ा क्षेत्र की सीमा में किसी भी व्यक्ति को आग्नेय शस्त्र जैसे बंदूक, तमंचा, रिवॉल्वर, विस्फोटक सामग्री जैसे गोला, बारुद, पटाखे, धारदार हथियार जैसे बल्लम, भाला, बरछी, तलवार और घातक हथियार घर से बाहर लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। विभिन्न दलों, संगठनो या किसी व्यक्ति के द्वारा सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर आयोजित किये जाने वाले जुलूस, धरना प्रदर्शन, रैली भी प्रतिबंधित की गई हैं।
इन सबके लिये अनुमति देने उस क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी को प्राधिकृत किया गया है। पुलिस अधीक्षक अपने विभाग द्वारा निजी वाहनों मे भी ऐसे हथियार लेकर चलने की स्थिति में जांच कर कार्यवाही करेंगे। शासकीय कार्य पर नियुक्त पुलिस कर्मी एवं अन्य शासकीय सेवक तथा अर्द्ध-शासकीय सेवक जिन्हें शस्त्र के साथ कर्तव्य निर्वहन के लिये अधिकृत किया गया है, उन पर यह अादेश प्रभावशील नहीं होगा। यह आदेश ग्रामीण क्षेत्र की जनपद पंचायत की सीमा में 23 फरवरी 2022 तक प्रभावशील रहेगा।

















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