सिटी बसों के नहीं चलने से मध्यम एवं गरीब लोगों को खामियाजा भुगतना एवं सिटी बस से दोगुना किराया लोगों को देना पड़ रहा...
दुर्ग - निगम एवं जिला प्रशासन के माध्यम से चलने वाले सिटी बसो के संचालन को लेकर निगम एवं जिला प्रशासन बिल्कुल भी गंभीर नही दिख रहा है, तो दूसरी ओर कोरोना संक्रमण के चलते बीते लगभग 2 वर्ष 24 महीने से डिपो मे बस खड़ी सिटी बसें पूरी तरह से कंडम हो गई है,
वहीं बताया जा रहा है कि बस के कई पार्ट्स भी चोरी हो चुके है। ऐसे में अब जिले की सड़कों पर कम खर्चे में लोगों को ट्रांसपोर्टिंग सुविधा मिलना मुश्किल लग रहा है। सिटी बसों के नहीं चलने से मध्यम एवं गरीब लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
इधर प्रशासनिक लापरवाही से लोग निजी बस व टैक्सी वाहनों में मनमाना किराया देने को मजबूर है। बस सेवा का लाभ हर दिन 50 से 60 किमी तक आने-जाने वाले लोगों को मिलता था।
जनसुविधा के लिए प्रशासन नहीं उठा रहा कदम
जिला मुख्यालय में कामकाज, शिक्षा के सिलसिले में राेजाना दो से तीन सौ लोग व विद्यार्थियों की आवाजाही यात्री वाहनों में होती है। इसमें मजदूर, ऑफिस व
कई प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी, सरकारी कर्मी, शिक्षा कर्मी व विद्यार्थी भी शामिल होते हैं। सिटी बस के नहीं चलने से सभी परेशान हैं। बस सेवा अहम होने के बाद भी प्रशासन शुरू कराने सुध नहीं ले रहा है।
दोगुना किराया देकर लोग कर रहे सफर
सिटी बस के नहीं चलने से दुर्ग शहर से ग्रामीण स्तर के बीच आने-जाने वाले लोग निजी बस और टैक्सी के भरोसे हैं। इसमें सिटी बस से दोगुना किराया लोगों को देना पड़ रहा है। वहीं घंटों इंतजार भी करना पड़ता है।
बस नहीं चलने से लोगों ने बताई अपनी समस्या
1. ग्रामीण इलाके के लोगो ने बताया कि वह रोज यात्री बस से दुर्ग शहर आना जाना करते है, लेकिन डीजल की बढ़ी कीमतों के बाद यात्री बसों का किराया बढ़ चुका है।
साथ ही कहा कि महीने में करीब 2 हजार रुपए किराए पर खर्च होता है। पहले सिटी बस से 500 से 600 महीने खर्च पर आना जाना हो जाता था। यदि सिटी बस फिर शुरु हो जाए तो हजार रुपए ही किराए पर खर्च होंगे।
2. लोगो ने बताया कि वह बाइक से कलेक्टोरेट में काम करने के लिए रोज दुर्ग से आना जाना करता है। साथ ही कहा कि बारिश के दिनों में बाइक में आना जाना परेशानी भरा होता है।
3. दुर्ग निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि वह रोज प्राइवेट बस से तो कभी बाइक से शोरूम में काम के लिए जाता है। साथ ही कहा कि यदि सिटी बस की सुविधा शुरू हो जाती तो कम खर्च में सभी साथी आना जाना कर पाते।
बसों के बंद रहने से काफी परेशानी होती है। इसलिए जरूरी है कि रोजाना आने जाने वालों के हित में सिटी बसों को शुरु किया जाए।
लोगो ने प्रशासन से कहां कि समस्याओ को देखते हुये सिटी बसो को पुन: प्रारम्भ करने कि मांग कि हैं।

















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