30 साल पुरानी भवन में बैंक संचालित
लोगों को भवन में जाने से लगता है भय
औंधी:- क्षेत्र के एक मात्र बैंक इंडियन बैंक 30 वर्षाें से निजी मकान में स्थापित है। अब इस भवन के हालात अंदर और बाहर से बहुत ही खराब हो चुके हैं जिसके चलते बैंक कर्मियों सहित उपभोक्ताओं को भवन में अंदर जाने में भय लगता है। इंडियन बैंक के अंदर घुसते ही ऐसा लगता है कि मानो खंडहर भवन में प्रवेश कर रहे हैं।
भवन अंदर से भी काफी जर्जर अवस्था में है दीवारों में दरारें पड़ी हुई हैं। जिससे बैंक के कर्मचारियों का सुबह 10 से शाम 4 बजे तक का समय बड़ा ही भयावह स्थिति में निकलता है। मजे बाली बात तो यह कि भवन की छत से या दीवार से जब पपड़ी और सीमेंट गिरता है तो उपभोक्ता और बैंककर्मी सहम उठते हैं। उपभोक्ताओं ने बैंक के उच्च अधिकारियों से भवन को दुरुस्त कराने की मांग की है।
बावजूद भी बैंक के बढ़ते कामकाज को देखते हुए विभाग द्वारा भवन के निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं की गई। जिसका परिणाम यह है कि बैंक में कामकाज की अधिकता होने के साथ-साथ बैंक में काम के संबंध में आने वाले लोगों को बैठने के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं है। जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। बरसात के समय में तो खाताधारकों को बारिश से बचने आसपास के किराना दुकान होटल, या किसी के मकान में जाना पड़ता है। सबसे बड़ी विडंबना तो यह है कि औंधी क्षेत्र के एक मात्र इंडियन बैंक पर बढ़ते काम के बोझ के बावजूद भी किसी प्रकार का कोई भवन की व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे लोगों को भी काफी परेशानी होती है।

















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