सुरक्षा बलों की मुश्तैदी से नक्सलियों का बंद रहा बेअसर
बालाघाट।चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बलों की मुश्तैदी से नक्सलियों के द्वारा तीन राज्यों के बंद का आव्हान पूरी तरह से बेअसर रहा।जिससे न केवल प्रशासन ने चैन की सांस लिया बल्कि क्षेत्रीय लोग खासकर घने जंगलों में निवासरत लोगो ने भी सही सलामत से दिन गुजरने से राहत की सांस लिया।विगत एक सप्ताह से बालाघाट जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कई वाहनों को आग के हवाले कर नक्सलियों ने बैनर पोस्टर के माध्यम 10 दिसंबर को तीन राज्य मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को बंद करने का फरमान जारी किया था जो आज समाचार लिखे जाने तक पूरी तरह से शांत रहा,कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की जानकारी प्राप्त नही हुई है जिससे लोगो ने राहत की सांस लिया है।बता दें दो सालों के भीतर नक्सलियों के कई बड़े कमांडर नक्सली पुलिस मुठभेड़ में या तो मार दिए गए या तो पकड़ लिये गए जिससे नक्सलियों की कमर टूट गयी।लेकिन विगत दो महीनों में नक्सलियों ने जिले में हाहाकार मचा दिया है
जिससे प्रशासन के साथ आमजन भी परेशान हैं।दो महीने पहले मालखेड़ी के दो युवकों के ऊपर मुखबिरी का आरोप लगाकर बेरहमी से हत्याकर पूरे जिले में दहशत फैला दिया था जो लगातार जारी था।जिसमे प्रमुख है 4 दिसंबर को बिरसा थानांतर्गत मछुरदा पुलिस चौकी के अतिनक्सल प्रभावित ग्रामो के बीच बन रही सड़क निर्माण में लगे रोड रोलर को जलाकर नक्सली बैनर पोस्टर लगाना,दूसरी घटना किरनापुर थानांतर्गत किन्ही पुलिस चौकी के बोदालझोला सड़क निर्माण में लगे वाहनों को आग के हवाले कर पोस्टर लगाया और तीसरी बड़ी घटना पाथरी पुलिस चौकी के डामर प्लांट में लगे वाहनों के जलाने की पुष्टि हुई थी जिसमे ये सभी घटनाएं एक सप्ताह के भीतर की है।जिससे लोगो मे दहशत फैल गया था।हर नक्सली घटना में मिले बैनर पोस्टर पर 10 दिसंबर को तीन राज्यो में बंद करने का फरमान जारी किया गया था
जो आज शान्ति पूर्वक बीत जाने से प्रशासन के साथ जिला वासियों ने चैन की सांस लिया है।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार लांजी सालेटेकरी मार्ग आंशिक रूप से बंद रहा जिससे इस मार्ग से सफर करने वालों को थोड़ी बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।इस मार्ग पर चलने वाली बस चालक से बस न चलने का कारण पूछा गया तो उसने बताया कि बस खराब होने से आज नही जा सकती।वही कुछ लोगो ने बताया कि इसके पीछे का कारण नक्सलियों का बंद है।चूंकि लांजी सालेटेकरी मार्ग घने जंगलों से होकर जाता है इस कारण बस मालिकों ने बस को खड़ी करने में ही भलाई समझी होगी।बहरहाल नक्सलियों के बंद को बेअसर करने में सुरक्षा बलों की सराहना की जानी चाहिए जिनके मुश्तैदी से पूरा जिला शांतिपूर्ण रहा।
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