डोंगरगढ-जनता काग्रेस छ्त्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य नवीन अग्रवाल ने शहर के अंदर की सड़क और थाना चौक से लेकर खरखा टोला रोड निर्मण कार्य को लेकर एस डी एम को सौपा ज्ञापन
महेंद्र शर्मा बंटी छत्तीसगढ़ रिपोर्टर - डोंगरगढ़ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे)के प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य एवं प्रदेश महासचिव नवीन अग्रवाल के नेतृत्व व युवा छात्र संगठन जिला अध्यक्ष अलकेश उज्वने संजय माहुले राकेश बल्हारे ने आज अनुविभागीय अधिकारी को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौपा वही नवीन अग्रवाल ने ज्ञापन सौपने के दौरान एस डीएम को बताया कि डोंगरगढ शहर के अंदर की सड़क का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरें सड़क निर्माण को बंद रखा गया है।
जिसकी वजह से आवाजाही में आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही थाना चौक से खरखा टोला
अधूरें सड़क का काम भी शुरू हो चुका है। लेकिन निर्माण एजेंसी को लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने खुली छूट दे रखी है। नियमित मॉनीटरिंग नहीं होने की वजह से ठेकेदार सीधे तौर पर गुणवत्ता से समझौता कर रहा है। विभागीय निगरानी होने की वजह से ठेकेदार को मनमानी करने के लिए छूट मिली हुई है। थाना चौक से लेकर खरकाटोला तक पहलें तो पुरानें सड़क के डामर की उपर परत का उखाड़कर सालों काम बंद कर दिया गया था। अब फंड रिलीज होनें बाद खरकाटोला से सीधे डामर बिछानें काम शुरू कर दिया। जबकि खुदाई करने के बाद बेस डालकर डामर बिछाने का काम किया जाना था। लेकिन अंतरराज्यीय मार्ग को फिर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाया जा रहा है। ठेकेदार ने आनन-फानन में खरकाटोला से डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया। जबकि पूर्व बोरतलाव तक हुए निर्माण में पूरी खुदाई करने के बाद मुरूम का बेस डालकर रोलर चलाकर मजबूत किया गया था। बजरी डालने के बाद ही डामरीकरण की गई थी। लेकिन 4 किलो मीटर निर्माण में इन मापदंडों का पालन ही नहीं किया गया। इससे निर्माण में गुणवत्ता नहीं आएगी और भारी वाहनों के दबाव में नई सड़क टूट जाएगी। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार भी निर्माणाधीन मार्ग में गुणवत्ता से समझौता होता देख चुप निर्माण एजेंसी को खुली छूट मिल गई। बैठे हुए हैं। जिम्मेदार मौके पर नहीं कर रहे मॉनिटरिंग- लोक निर्माण विभाग के
जिम्मेदार एसडीओ व इंजीनियर निर्माणाधीन सड़क का मौका-मुआयना नहीं कर रहे है। केवल दफतर में बैठक बिल की फाइल आगे बढ़ाई जा रही है। जबकि विभाग की जिम्मेदारी है कि मापदंड के अनुरूप मॉनीटरिंग करके निर्माण को पूरा कराया जाएं। लेकिन अफसर भी भ्रष्टाचार में शामिल होकर ठेकेदार को संरक्षण दे रहे है। लंबे समय बाद संघर्ष के बाद सड़क निर्माण होनें जा रहा है। इसके बाद भी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। भारी वाहनों का दबाव नहीं झेल पाएगी लड़क- छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र से जोड़ने वालें इस सड़क में भारी वाहनों की आवाजाही 24 घंटे रहती है। इसी वजह से ही प्रदेश में कांग्रेस सरक बनतें ही गुणवत्ता लाने के लिए निर्माण की लागत बढ़ानें अनुशंसा की गई। लेकिन लागत राशि बढ़ने के बाद भी गुणवत्ता के साथ निर्माण नहीं रिहा है। बिना खुदाई किए बगैर ही डामरीकरण करने से मजबूत सड़क नहीं बन पाएगी और भारी वाहनों का दबाव सड़क नहीं झेल पाएगी और फिर से जर्जर हो जाएगी ।

















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