किसानो के सामने उनकी कमाई पर पड़ रहा डाका, धान मंडी में कटौती से नहीं बचा पा रहे हैं।
विकासखंड कोटा....धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार। विकासखंड कोटा बेलगहना तहसील क्षेत्र के ऐसे अधिकतर जगहों पर किसानों से अधिक वजन में धान लेने से किसान परेशान हैं। बेलगहना तहसील के कोई भी धान मंडियों में एक कट्टी में शासन के निर्देशानुसार कितना वजन धान तोड़कर मंडी में लेना है। ऐसा कोई भी स्थान पर बोर्ड या फिर दिवाल लेखन नहीं कराया गया है।
प्रबंधकों की लापरवाही के वजह से और हमालो की कमीशन खोरी के कारण भोले भाले किसानों के जेब में खूब डाका डाला जा रहा है। जानकारी के लिए हम आपको बताते चलें कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक कट्टी पर 40 किलो मानक धान वजन में लेना है ।
और बोरे (कट्टी)के बदले में दूसरे पलड़ा पर बाट के साथ बोरे ही रखना अनिवार्य है। उसके बावजूद विकासखंड कोटा क्षेत्र के ऐसे कई धान मंडीयां है जहां कहीं 41 किलो की वजन ले रहे हैं तो कहीं 42 किलो वजन से किसानों से धान ले रहे हैं। अब इस धान मंडियों में प्रत्यय कट्टी पर अगर 1 किलो भी धान अधिक लिया जा रहा है तो पूरे सीजन में समस्त किसानों के धान खरीदी के पश्चात पता नहीं कितने कुंटल कितने टन अधिक धान संस्था प्रबंधक को किसानों के जेब से डांका डालकर चढ़ावा में मिलता होगा यह अब विचारणीय है
जहां लगातार जिला के अधिकारीयों के द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है कार्यवाही नहीं होने से किसान परेशान
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