आज 10 दिसम्बर 2021 को डी.पी.चतुर्वेदी विधि महाविद्यालय सिवनी मे अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर कार्यशाला पश्चात जनरल विपिन रावत सहित सभी वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन व श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
कमलेश अहिरवार,सीएनआई
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता श्री सुजीत जैन तरण तारण समाज के जिलाध्यक्ष, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष, बैतूल प्रभारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य।विशिष्ट अतिथि अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन मे भारत के ऐम्बैसडर, साहित्यकार कवि श्री जगदीश तपिश, वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद् श्री रमेश श्रीवास्तव चातक,जनजातीय विकास परिषद सिवनी के जिला अध्यक्ष श्री नाथूराम धुर्वे,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अधिकारी श्रीमति दीपिका ठाकुर, साहित्यकार ,कवि,गीतकार एवं पत्रकार कमलेश अहिरवार,
डी.पी.चतुर्वेदी विधि महाविद्यालय प्रमुख डाँ.रामकुमार चतुर्वेदी ने की कार्यक्रम का संचालन विधि विभागाध्यक्ष एडवोकेट अखिलेश यादव, एवं विधार्थी आदर्श कहार ने किया।आभार प्रदर्शन वरिष्ठ प्राध्यापक श्री निशांत दुबे ने किया।कार्यक्रम मे प्राध्यापक श्रीमति अन्नपूर्णा मिश्रा ,वेक्सीनेशन नर्सिंग स्टाफ श्रीमति राधिका पटले,विधिक सेवा प्राधिकरण से श्री प्रदीप गढेवाल सहित विधि विधार्थी अभिषेक सनोडिया ,सुरेंद्र डेहरिया कार्तिकेय सिंह आदर्श कहार,अंकुर सनोडिया ,सुमंत रसिक अंकित सनोडिया ब्रह्मांड सिंह जंघेला शरद परते, आनंद गौतम ,मनीष साठवाने ,विमलेश चंद्रवंशी, ब्रजमोहन मरावी, विकास तिवारी ,राहुल राय रामअवतार इनवाती, नीलेश उप्रैलिया कांता कुर्वेती, अर्चना रायकवार ,नेहा कटरे वैशाली दशमेर, सोनम चौहान ,राहुल यादव, शारदा राठौर, संतोष कुमार श्रीवास, राहुल सेन, जितेंद्र ठाकुर, रागिनी कुम्भारे,ममता इनवाती, कुसुम कुमरे, दीप राम साहू ,नीलेश पटेल, आशा लता मेश्राम, रत्नेश हिरकने ,गायत्री चौरसिया,
लोकेश ठाकुर, विजेंद्र राठौर, आराधना ठाकुर, प्रीति ठाकुर, रोहन तिवारी, पूर्वी चौरसिया ,गायत्री सनोडिया, भूमिका गौतम ,पुनीत पारधी,की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती के पूजन पश्चात, सरस्वती वदंना, अतिथियों के स्वागत से किया गया।श्री जगदीश तपिस ने मानव अधिकारों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता श्री सुजीत जैन ने राष्ट्र वाद के साथ व्यवहारिक दृष्टिकोण से मानव अधिकारों की प्रासिंगकता को बताते हुए मानवीय दृष्टिकोण को समझाया।श्री रमेश श्रीवास्तव चातक ने अपनी रचनाओं के माध्यम से मानव अधिकारों की महत्ता को बताया।श्री नाथूराम धुर्वे ने वनांचल और ग्रमीण वातावरण मे मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता के अभाव की ओर ध्यान आकर्षित करवाया।अध्यक्षी उद्बबोधन मे डाँ.रामकुमार चतुर्वेदी ने वसुधैव कुटुम्बकम व सर्वे भवन्तु सुखिना की विस्तृत व्याख्या वैदिक आधारों पर करते हुये मानव अधिकार के यथार्थ स्वरूप को बताया,विधार्थियों मे ब्रम्हान सिंह जंघेला,जितेन्द्र ठाकुर व शरद परते ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम के अंत मे जनरल विपिन रावत सहित सभी वीर शहीदों के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धा सुमन ,श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनिट का मौन धारण किया गया।*

















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