प्रशासन के कोई भी अधिकारी स्कूल के पढा़ई , मध्यान भोजन के व्यस्था एवं शिक्षको के नदारत होने को लेकर इस स्कूल मे कोई भी अधिकारी जायजा लेने नही आते...
दुर्ग जिला - कोलियापुरी प्राथमिक शाला के करीब 35 से अधिक बच्चे शिक्षा विभाग के द्वारा प्रदाय किए जाने वाले चिक्की खाने से फूड प्वाइजन के शिकार हो गए हैं
पुलिस प्रशासन की मदद एवं 108 संजीवनी एंबुलेंस की सुविधा से उन बच्चो को जिन्हे पेट दर्द होने लगा उसे तुरंत दुर्ग जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया ।
जिला पंचायत अध्यक्ष देवेन्द्र देशमुख द्वारा घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत हास्पिटल पहुंच कर बच्चो से मुलाकात कर संज्ञान मे लेते डांक्टरो को इलाज करने को कहां
जिनमें से आठ बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है और 18 बच्चे को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
मामले की जानकारी होते ही ग्राम पंचायत में अफरा तफरी मच गई लोग अपने अपने काम को छोड़कर हास्पीटल बच्चों के पास पहुंचे
अध्यापक ने पहले उपस्वास्थ केन्द्र के डांक्टर , नर्स एवं अपने पास के चौकी को सूचना दिए
और एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करवा कर उन बच्चो को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है ।
ग्राम वासियो ने बताया की इस स्कूल मे ठीक से पढ़ाई नही होती हैं। बच्चो के लिये जो मध्यान भोजन कि व्यस्था कि हैं। उस भोजन मे आये दीन कीड़ा मरा हुआ नजर आते हैं।
और यहां के भोजन अक्शर गीला रहता जिससे गीला भोजन को खाने को मजबूर हो जाते हैं।क्योकि इस स्कूल के शिक्षको के द्वारा बच्चो को घर एवं बाहर से खाने के चीजे लाना मना किये हैं।
पालकगण ने बताया कि आज तक प्रशासन के कोई भी अधिकारी स्कूल के पढा़ई एवं मध्यान भोजन के व्यस्था एवं शिक्षको के नदारत होने को लेकर इस स्कूल मे कोई भी अधिकारी जायजा लेने नही आते हैं।
खाद्य विभाग के अधिकारियो के द्वारा बच्चो ने जो चिक्की खाई थी उसे सील कर जांच के लिये ले भेज दिये गये हैं।
स्कूल के शिक्षको ने बच्चो के आने के इनतिजार कर रहे थे एवं बच्चो के आते तक शिक्षको ने स्कूल मे ही बैठे थे

















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