बजरंग दल के रतन यादव ने खुलेआम चेतावनी दिये कि अगर हिंदू धर्म के हनुमान मंदिर को हटाया गया तो हम चर्च को भी नहीं छोड़ेंगे इस मामले को लेकर दोनो पर पुुलिस ने एफ आई आर दर्ज किए जिसको लेकर बजरंग दल के कार्यकार्ताओं ने दुर्ग थाने का घेराव करते हुये चक्का जाम कर दिया और F.I.R. वापसी की मांग करने लगे और रोड पर बैठे...
दुर्ग शहर - हिन्दू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के द्वारा न्यू बस स्टैंड के सामने 60 साल पुराने हनुमान मंदिर को हटाए जाने की बात को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आज विरोध करते हुए
दुर्ग थाने का घेेराव किया मंदिर हटाए जाने की बात सामने आते ही बजरंग दल के रतन यादव ने खुलेआम चेतावनी दिये कि अगर हिंदू धर्म के मंदिर को हटाया गया तो हम चर्च को भी नहीं छोड़ेंगे
इस मामले को लेकर रतन यादव व राकेश शिंदे पर पुुलिस ने एफ आई आर दर्ज किए जिसको लेकर बजरंग दल के कार्यकार्ताओं ने दुर्ग थाने का घेराव करते हुये चक्का जाम कर दिया और F.I.R. वापसी की मांग करने लगे और रोड पर बैठ गए
कुछ देर समझाने के बाद भी नहीं हटे तब दुर्ग के एडीशनल एसपी आए और गाड़ी से उतरते ही लाठी चार्ज का आदेश दिया और उन्हें वहां से हटाया और पुलिस बस के माध्यम से सभी को जेल की ओर 18 लोग पुरुष और 2 महिलाओं को भी जेल भेज दिया गया
आज हिन्दुओं ने अपने हक के लिये चक्का जाम किया तो पुलिस प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज कर जेल भेज दिया
कार्यकर्ताओं ने मीडि़या के सामने अपनी बात रखते हुये कहां और 27 दिसंबर को मुस्लिम समुदाय द्वारा चक्का जाम किया था उसका भी जिक्र किया
एडीशनल एसपी संजय धुव्र ने उनकी बातो को थोड़ासा भी सुनने एवं समझने का प्रयास भी नही किया अगर यही रोल उस दीन 27 दिसम्बर को जब मुस्लिम समुदाय के द्वारा दुर्ग जेल के सामने प्रदर्शन किया गया तब कहा थे और क्यो नही किये लाठीचार्ज जबकि उन लोगे ने काफी समय से रोड़ को बाधित करके रखा था उस समय पुलिस वालो के साथ अपशब्द शब्दों का भी स्तेमाल किया था
वही दुसरी ओर 27 दिसम्बर को जब मुस्लिम समुदाय के लोग दोपहर को दुर्ग जेल के सामने सहायक जेलर शोभारानी के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर नारे बाजी किये थे
जिसके कारण जेल चौक रोड़ मुख्य मार्ग को पुलिस प्रशासन के द्वारा बंद कर दिया गया था और प्रदर्शन कारी दोपहर से लेकर रात्री लगभग 9:00 नौ बजे तक चक्का जाम कर प्रदर्शन किया था
समुदाय द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की जानकारी मिलने एसएसपी बीएन मीणा मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए मौके पर पहुंचे।
जहां प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देकर समझाइश देने का प्रयास किया।
इस मौके पर समुदाय के कुछ युवाओं द्वारा एसएसपी के साथ बातचीत के दौरान बदतमीजी करना प्रारंभ कर दी।थी
जिससे नाराज एसएसपी ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि मंडल को कार्यालय में आकर मामले के निराकरण के संबंध में चर्चा करने आमंत्रित कर मौके से चले गए। उसके बाद भी पुलिस प्रशासन उनके स्वागत के लिये काफी रात तैनात थे
जहां सैकड़ो के तादाद मे लोग प्रदर्शन कर रहे थे जबकि खास बात यह हैं। कि आज हिन्दू परिषद के लोग प्रदर्शन मे मात्र लगभग 20 बीस लोग ही शामिल हुये
लेकिन 27 दिसम्बर को जब मुस्लिम समुदाय के लोग सैकड़ो के तादाद मे रोड़ को चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे थे तब यही पुलिस वाले मुख दर्शक बनकर देख रहे थे इससे यह समझ मे आता हैं।कि प्रशासन कही न कही भेद भाव करते नजर आ रहे हैं।
लुकेश साहू सी.एन. आई. न्यूज दुर्ग जिला ब्यूरो छ.ग. खबरों एवं विज्ञापनो हेतू सम्पर्क करें मो.8103945853 मेल lukeshsahu853@gmail.com

















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