सांसद प्रतिनिधि भाटिया ने डोंगरगढ को नगरनिगम एवम जिला बनाने की मांग रखी
महेंद्र शर्मा बंटी छत्तीसगढ़ रिपोर्टर विधायक प्रतिनिधि परविंदर सिंह मोंटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि राजनांदगाव जिले के दूसरे सबसे बड़ी आबादी वाला शहर और सबसे पुरानी नगरपालिका डोंगरगढ जो की कभी अंग्रेजो के जमाने मे भी व्यापारिक एवम सांस्कृतिक का केंद्र रहता था जो वर्तमान में रेल्वे,अंतर्राज्यीय व्यापारिक केंद्र, अंतराष्ट्रीय धार्मिक तीर्थ से लेकर प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है यहां देश की आराध्य माँ बम्लेश्वरी देवी का ऐतेहासिक मंदिर,एवं प्रज्ञागिरी,और चन्द्रगिरि तीर्थ का दर्शन करने पूरे देश से लाखो की संख्या में वर्ष भर धार्मिक स्थल में आना जाना लगा रहता है।
डोंगरगढ को जिला बनाने की मांग यू तो विगत कई वर्षों से की जा रही है परंतु हाल ही में अधिवक्ता संघ,और चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवम डोंगरगढ के अन्य समाजसेवी संघठनो के द्वारा यह मांग की जा रही है । इसी परिपेक्ष में सांसद प्रतिनिधि परविंदर सिंह मोंटी के द्वारा डोंगरगढ शहर को जिला एवम नगरनिगम बनाने की मांग करते हुए डोंगरगढ को जिला बनाने के लिए तर्क दिया है की राजनांदगांव जिले का सबसे बड़ा शहर डोंगरगढ है जिसे सालों से नगरपालिका का दर्जा प्राप्त किए हुए है परन्तु विकास के मामले में उस गति से तरक्की नही कर पाया है जो अन्य समकक्ष शहरों ने की और जो धार्मिक तीर्थ के नाम से विश्व मे प्रसिद्ध है और महाराष्ट्र प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है जिसके आसपास का क्षेत्र वन सम्पदा से परिपूर्ण है। डोंगरगढ विकासखंड के ग्रामीणों एवम मध्यमवर्गीय लोगो के लिए डोंगरगढ में जिले के शासकीय कार्यालयों की सुविधाएं मिलने से उनका समय और पैसा दोनो बचेगा। इस जनअपेक्षित, बहुप्रतीक्षित माँग को गम्भीरता से विचार करने के लिए उन्होंने राज्य सरकार से डोंगरगढ को जिला बनाने की मांग की है ।

















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