अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर - गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर महज ढाई घंटे में कील और ऊन की मदद से स्ट्रिंग आर्ट में लुभना ठाकुर ने भारत का नक्शा और उसमें नेताजी सुभाषचंद्र बोस की चित्र बनाकर गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने में सफलता हासिल की है। उसकी इस शानदार प्रस्तुति को देखते हुये गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के सोनल राजेश शर्मा ने उनका नाम रिकार्ड्स में दर्ज किया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये पत्रकार वार्ता के दौरान सुश्री लुभना ठाकुर (25 वर्षीया) ने अरविन्द तिवारी को बताया कि वे ग्राम - झगरेनडीह ,
ब्लॉक- पिथौरा , जिला महासमुन्द की मूल निवासी हैं जो वर्तमान में शांति बिहार कालोनी डंगनियां में रहती हैं। उनके पापा कन्हैया लाल ठाकुर सेवानिवृत्त पटवारी और मां दुतिया ठाकुर गृहिणी हैं। इनकी बड़ी बहन कविता ठाकुर असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जबकि मंझली बहन तारिणी ठाकुर अभी बी०एड की पढ़ाई पूरी की हैं। तीनों बहनों में सबसे छोटी लुभना अग्रसेन कालेज रायपुर से एम० काम की डिग्री हासिल की है। इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल में लुभना ठाकुर ने स्ट्रिंग आर्ट में महज ढाई घंटे में भारत का नक्शा और उसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की चित्र बनायी। उनकी इस शानदार प्रस्तुति से उनका नाम रिकार्ड्स में दर्ज किया। यह रिकार्ड बनना लुभना के लिये एक बड़ी उपलब्धि है। लुभना ठाकुर ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुझे यह कला दिखाने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि यह स्ट्रिंग आर्ट है , जिसे कील और धागे की मदद से बनाते हैं। इस आर्ट में कई प्रकार के डिजाइन बनाये जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह भारत का नक्शा बना रही थी तभी नक्शे के बीच में नेताजी को भी जगह देने का ख्याल आया और उसे उन्होंने डिजाइन के रूप में प्रस्तुत किया। लुभना कहती हैं कि जिस तरह ऊन से स्वेटर बुनते हैं उसी तरह कील की मदद से प्लाई पर उन्होंने देश का नक्शा बनाया। एक कील से दूसरी कील पर ऊन फंसाते हुये तिरंगा के तीनों कलर तैयार किये। ब्लू कलर की ऊन से अशोक चक्र बनाया चक्र के अंदर नेताजी सुभाष चंद्र बोस का चित्र भी बनाया। इसे बनाने के लिये उसने पांच रंगों के ऊन का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज होने से बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है। लुभना ठाकुर ने अपने आर्ट को लेकर कहा कि अंबुजा मॉल में मुझे बहुत ही अच्छे तरीके से सपोर्ट दिया गया। उन्होंने कहा कि अभी यह तो शुरुआत है आगे और बहुत कुछ प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ का नाम देश और विदेश में रोशन करना चाहती हूं। उन्होंने बताया कि यह आर्ट मैंने अपने घर में खुद से सीखा है और करीब चार साल से डिजाइन प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे जब कक्षा बारहवीं की छात्रा थीं तभी से सेल्फ डिपेंडेंट रही हैं। वर्ष 2017 से क्राप्टिंग वर्क कर रही हैं। सबसे पहले मैं इस स्ट्रिंग आर्ट को वर्ष 2019 में मनाली में देखी था , फिर घर आकर यूट्यूब पर सर्च करके उसे बनाना भी सीख लिया। वे बताती हैं कि सजावटी चीजें तो जल्दी बन जाती हैं लेकिन पोट्रेट में वक्त लगता है। वे अब तक लगभग चार सौ से ज्यादा माडर्न आर्ट , नेम प्लेट , कंपनी के लोगो और पोट्रेट ( इंसान का चेहरा) बना चुकी हैं। वहीं दो सौ से भी ज्यादा लोगों को यह आर्ट भी सिखा चुकी हैं। वहीं गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स की प्रतिनिधि सोनल शर्मा ने अरविन्द तिवारी को बताया कि 26 जनवरी के मौके पर लुभना ठाकुर के द्वारा ढाई घंटे में अंबुजा मॉल में स्ट्रिंग आर्ट किया गया जो 48 इंच बाई 52 इंच है , जिसमें हमारे भारत के नक्शे को बनाया गया और बीच में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के फोटो भी बनाया गया है , जिसे गोल्डन ऑफ वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

















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