गांव की बेटी शहर में अपना नाम रोशन अपनी लेखनी को आगे बढ़ाकर कविता, गद्य पद्य एवं छत्तीसगढ़ी लोक कला दर्पण, सिरजन साहित्य, साहित्य संस्था ,अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार, कबीर सत्संग समिति गोकुल नगर, व साहू समाज दुर्ग भिलाई के विभिन्न दायित्वों को पूर्ण करते हुए ...
छत्तीसगढ़ अंचल के अनेक साहित्यिक, सांस्कृतिक, सामाजिक व धार्मिक संगठनों में सक्रिय योगदान देने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाली सीमा साहू रायपुर के शादानी दरबार सभागार में शनिवार 15 जनवरी को साहू गौरव सम्मान से सम्मानित होंगी।
आपको लोक कला दर्पण टीम, लोक कला एवं साहित्य संस्था सिरजन, साहू पत्रिका प्रकाशन टीम तथा कबीर सत्संग समिति द्वारा उज्जवल भविष्य की कामना सहित विशेष बधाई व अनंत शुभकामनाऐ
भिलाई दुर्ग- बेटी दो कुल को संवारती है इस बात को चरितार्थ कर रही है सुदूर अंचल बिहड़ वनांचल गांव मुड़माडी़ ,ककोडी (महाराष्ट्र) जहां पर शिक्षा का अभाव, खेत खलियान और चारों तरफ से जंगलों से घिरा हुआ
वातावरण में जन्म से बचपन गुजारने वाली सीमा साहू का मायका है, जहां पर विषम परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए शहरों की ओर रुख कर अपनी कुशल योग्यता को बरकरार रखते हुए
विभिन्न क्षेत्रों में खास कर साहित्य के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि प्राप्त करते हुए दुर्ग सुभाष नगर में ससुराल वालों के अगाध प्रेम व वात्सल्य प्राप्त करते हुए
अपनी लेखनी को आगे बढ़ाकर कविता, गद्य पद्य एवं छत्तीसगढ़ी लोक कला दर्पण, सिरजन साहित्य, साहित्य संस्था ,अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार, कबीर सत्संग समिति गोकुल नगर, व साहू समाज दुर्ग भिलाई के विभिन्न दायित्वों को पूर्ण करते हुए
आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के कला एवं साहित्य की जगत में विशेष सम्मान के लिए सम्मानित होने का गौरव प्राप्त हो रहा है।
इन सब के पीछे सीमा साहू से बात की गई तो उनका कहना है कि यह उपलब्धि मेरे ससुर चंद्र प्रकाश साहू, सास लक्ष्मी साहू, पतिदेव रेवेंद्र साहू ,का विशेष प्रोत्साहन व मेरी जननी माता लक्ष्मी- नारायण साहू ,
बड़े भैया दुर्ग भिलाई स्वच्छता अभियान टीम के संयोजक हर्ष देव साहू ,भाभी चित्रा साहू ,दीदी माधुरी चंद्रहास साव, पायल साव, तथा प्रगति, कनीष कान्हा, आयुष, एवं मेरे सुपुत्र प्रथम रोशन साहू ,का उत्साहवर्धन एवं प्रोत्साहन का ही स्वरूप है
जो वनांचल एवं सुदूर अंचल जहां पर शिक्षा का अभाव है वहां से इस शहरों में भी मेरी कलाकृति एवं साहित्य के प्रति अभिरुचि को प्रोत्साहित किया और सतत मार्गदर्शन देते हुए आज इस मुकाम पर मुझे पहुंचाया है।
मैं तहे दिल से अपने परिवार के प्रति धन्यवाद करती हूं । व साहित्य के क्षेत्र में उन सभी महानुभावों का भी जिन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस सम्मान के हकदार बनाने में सहयोग दिया।
लुकेश साहू सी.एन. आई न्यूज दुर्ग जिला ब्यूरो छ.ग मो-8103945853 मेल lukeshsahu853@gmail.com

















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