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Friday, January 21, 2022

सैन्य सम्मान के साथ हुआ टंकेश्वर कश्यप का अंतिम संस्कार


सैन्य सम्मान के साथ हुआ टंकेश्वर कश्यप का अंतिम संस्कार

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट- सैन्य चिकित्सालय दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ ले रहे भारतीय सेना के जवान नायक टंकेश्वर कश्यप ने गत दिवस एकाएक दुनियां को अलविदा कह दिया। आज मां शंवरीन दाई की पावन धरा उनके गृहग्राम अमोरा (महन्त) में सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान का अंतिम संस्कार किया गया। इसके पहले सेना के जवानों एवं भूतपूर्व सैनिकों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बताते चलें अमोरा के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी जवान का पार्थिव शरीर तिरंगा से लिपटा हुआ घर पहुंचा हो। टंकेश्वर की शहादत से ना केवल अमोरा गांव बल्कि पूरे प्रदेश की धरती धन्य हुई है , जहां मां भारती के इस लाल ने देश को अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अन्तर्गत आने वाले ग्राम अमोरा (महन्त) निवासी स्व० रामेश्वर कश्यप के चार बेटों में सबसे बड़े टंकेश्वर कश्यप गांव में ही प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद वर्ष 2003 में आर्मी सप्लाई कोर में भर्ती हुआ। इस समय उनका पोस्टिंग जयपुर ( राजस्थान) में था। अभी नवरात्रि में वह छुट्टी में घर आया था , छुट्टी काटकर जब वह ड्यूटी में गया तब उनका तबियत खराब हो गया। उनको आर०आर० आर्मी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था , जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को उनकी पत्नी , उनके छोटे भाई और उनके साला की मौजूदगी में सेना के जवानों ने दिल्ली से विमान में रायपुर और वहां से सड़क मार्ग से होते हुये देर रात्रि बारह बजे गांव पहुंचाया। शहीद के तिरंगे से लिपटे पार्थिव देह को देखकर घर का माहौल गमगीन हो गया , उनके घर परिवार में मां सहित सभी का रो- रोकर बुरा हाल था। 


आसपास के लोग परिवार वालों को सम्हालने में लगे हुये थे। सेना के वाहन में जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शनों के लिये भारी भीड़ उमड़ पड़ी ,  लोगों ने गांव के गली में दोनों ओर और घर की छतों पर खड़े होकर शहीद के सम्मान में जयकारे लगाये। उनकी अंतिम यात्रा में सेना के जवानों और गांव वालों द्वारा लगाये जा रहे टंकेश्वर कश्यप अमर रहे , भारत माता की जय और जय जवान जय किसान के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। श्मशान घाट में शहीद के छोटे भाई बजरंग कश्यप ने उनको मुखाग्नि दी। इस दौरान सेना के जवानों के राष्ट्रभक्ति नारों से आकाश गुंजायमान हो उठा और इस तरह से शहीद को सैन्य सम्मान के साथ सभी ने अंतिम विदाई दी गई।

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