राष्ट्रीय बालिका दिवस पर शांता फाउंडेशन ने बालिकाओं को पाठ्य पुस्तक सामग्री वितरण किया
राष्ट्रीय बालिका दिवस के शुभ अवसर पर शांता फाउंडेशन बिलासपुर के द्वारा सकरी बिलासपुर में स्थित कन्या शाला के आसपास के बालिकाओं को पाठ्य पुस्तक सामग्री वितरण किया गया।
इस अवसर पर शांता फाउंडेशन बिलासपुर के सुश्री रुपाली पाण्डेय का कहना है कि राष्ट्रीय बालिका दिवस देश में लड़कियों को समर्थन, नए अवसर प्रदान करता है. यह समाज में लड़कियों के साथ होने वाली असमानता जैसे भेदभाव, शोषण के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
वही शांता फाउंडेशन के सुश्री अंजलि श्रीवास्तव का कहना है कि असमानता, शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सा देखभाल, संरक्षण, बाल विवाह, स्वतंत्रता, इत्यादि के संदर्भ में हो सकती है. इसमें कोई संदेह नहीं, राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के पीछे भारत सरकार का यह कदम युवा लड़कियों और बच्चों के रूप में लड़कियों के महत्व को बढ़ावा देना है।
शांता फाउंडेशन के संस्थापक समाजसेवी नीरज गेमनानी संबोधित करते हुए कहा कि आजकल बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं चाहे वो राजनीती, खेल, साइंस, इत्यादि कुछ भी हो. ऐसे में समाज को बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उनकी शिक्षा के प्रति ध्यान देना अनिवार्य है. भ्रूण हत्या भी भारत में ऐसी समस्या है जिसके कारण लड़कियों के अनुपात में काफी कमी आयी है। इस दौरान नेहा तिवारी,जय प्रकाश तिवारी,दानेश राजपूत,प्रशांत रॉव,प्राची ठाकुर उपस्थित रहे ।

















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