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Saturday, January 1, 2022

कालीचरण महाराज को मिली तेरह जनवरी तक न्यायिक रिमांड


कालीचरण महाराज को मिली तेरह जनवरी तक न्यायिक रिमांड 


अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट


रायपुर - धर्म संसद में महात्मा गांधी पर विवादित बयान देने के मामले में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर ने पुलिस रिमांड से पेश होने पर दो घंटे तक चली बहस के बाद कालीचरण महाराज को आगामी 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिये हैं। इससे पहले उनको लेकर वकीलों ने अपनी दलीलें पेश की। सुनवाई के दौरान कालीचरण के समर्थक कोर्ट के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करते नजर आये। कालीचरण महाराज उर्फ़ अभिजीत सराग की ज़मानत याचिका ज़िला सत्र न्यायालय में पेश हो गई है। कालीचरण महाराज की ज़मानत याचिका पर सुनवाई आगामी तीन जनवरी को होगी। कोर्ट में पेश करने के दौरान जिस तरह से समर्थक जुटे थे। उसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से कालीचरण से पूछताछ के दौरान थाने में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी। बता दें इसके पहले कोर्ट ने कालीचरण को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिये थे। 

शहर से बाहर मंदिर हसौद थाने में कस्टडी में रखकर पुलिस ने राजद्रोह के आरोपी कालीचरण से महात्मा गांधी पर अमर्यादित बयान देने से लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड तक के पीछे किसकी मंशा थी जैसे तमाम बिंदुओं पर पूछताछ की। इसके अलावा पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना वास्तविक नाम अभिजीत सराग बताया है। सरकारी दस्तावेजों में कालीचरण धनंजय सराग नाम होने की जानकारी दी है। पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि वह पच्चीस सालों से घूम-घूम कर प्रवचन करता है। मंदिर हसौद थाने से कालीचरण को कोर्ट लेकर पुलिस पहुंची थी। कालीचरण कोर्ट परिसर में मुस्कुराते हुये दाखिल हुये थे। कालीचरण महाराज की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले पर राजनीति गरमा गई है। कालीचरण की गिरफ्तारी को लेकर छत्‍तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार और मध्‍यप्रदेश की बीजेपी सरकार आमने-सामने आ गये हैं। कालीचरण की गिरफ्तारी को लेकर मध्‍यप्रदेश सरकार ने आपत्ति जतायी है। छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यवाही पर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सवाल उठाते हुये गिरफ्तारी की कार्यवाही को गलत करार देते हुये संघीय ढांचे के खिलाफ बताया है। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस के एक्शन को जायज ठहराया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 25 और 26 दिसंबर को दो दिवसीय धर्मसंसद आयोजित की गई थी। धर्म संसद में देश भर के साधु-संतों ने हिस्‍सा लिया था। धर्म संसद के दूसरे और अंतिम दिन इसी सभा में कालीचरण महाराज ने महात्‍मा गांधी के हत्‍यारे नाथूराम गोड्से की तारीफ की जबकि महात्‍मा गांधी पर अभद्र टिप्‍पणी की थी और मंच से उतरने के बाद फरार हो गये थे। उनके विवादित व्याख्यान पर थाना टिकरापारा में कालीचरण महाराज के विरुद्ध धारा 294 , 505(2) भादवि का अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धारा 153 ए(1)(ए) , 153 बी (1)(ए) , 295 ए , 505(1)(बी) , 124 ए भादवि का भी समावेश किया गया। रायपुर में कालीचरण महाराज के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद छग पुलिस लगातार उनको महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में खोज रही थी। आखिरकार चार दिनों के अथक प्रयास के बाद उनको खजुराहो (मध्यप्रदेश) से 25 किलोमीटर दूर बागेश्वर धाम से गिरफ्तार किया गया था।

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