नांदेड़ में बंधक बनाए गये जिले के 18 बैगा आदिवासी श्रमिक बालाघाट पहुंचे
बंधक से मुक्त श्रमिकों को दी गई 20-20 हजार रुपये की राशि
बिरसा/बालाघाट। बिरसा विकासखंड के ग्राम समनापुर बांदाटोला के 18 बैगा आदिवासी ग्रामीणों को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में बंधक बनाकर रखा गया था । जिला प्रशासन की तत्परता से सभी 18 बंधक श्रमिकों को मुक्त करा लिया गया है और वे आज 01 जनवरी 2022 को बालाघाट पहुंच गए हैं।
बालाघाट पहुंचने पर नांदेड़ में बंधक बनाकर रखे गए इन श्रमिकों का मध्यप्रदेश शासन के आयुष मंत्री श्री रामकिशोर "नानो" कावरे, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर बिसेन, जिला पंचायत की प्रधान श्रीमती रेखा बिसेन, कलेक्टर डा. गिरीश कुमार मिश्रा, श्रम पदाधिकारी सुश्री दामिनी सिंह द्वारा सर्किट हाऊस में स्वागत किया गया। इस अवसर पर बंधक श्रम अधिनियम के तहत मुक्त 18 श्रमिकों को शासन की ओर से 20-20 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद भोजन कराया गया और उन्हें उनके गांव बांदाटोला समनापुर के लिए बस से रवाना किया गया।
बंधंन श्रमिकों को मुक्त कराने गये दल के सदस्य श्रम निरीक्षक सुनील यादव ने बताया कि ठेकेदार गणेश राठौर और गोविंद राठौर ने बांदाटोला समनापुर के 18 बैगा आदिवासी को नागपुर और वर्धा के बीच काम कराने की बात कह कर 17 हजार रुपये दिया और पिकअप वाहन से 01 दिसंबर को ले गया था। रास्ते में इन श्रमिकों को 08 हजार रुपये और देकर नांदेड़ ले जाया गया था। नांदेड़ जिले चिंचोली गांव में इन लोगों से गन्ना कटाई का काम कराया जा रहा था । इन श्रमिकों से दिन और रात में भी काम लिया जाता था । श्रमिकों के भोजन एवं ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी । इन श्रमिकों द्वारा 27 दिन कार्य करने के बाद मजदूरी एवं खाने की व्यवस्था के संबंध में मांग की गई तो इनके साथ मारपीट की गई और मजदूरी भी नहीं दी गई थी। जिस पर दमयंती मरावी द्वारा अपने गांव में खबर कर उन्हें छुड़ाने की गुहार लगाई गई थी। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा की पहल पर नांदेड जिला प्रशासन के सहयोग से इन श्रमिकों को आज बालाघाट का वापस लाया गया है। इनमें 07 श्रमिक 18 से कम आयु के हैं।
इन श्रमिकों को ले जाने वाली ठेकेदार गणेश राठौर और गोविंद राठौर के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की 341, 324, 504, 506, 34, बाल श्रम अधिनियम, बंधक श्रम अधिनियम एवं एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत कुल 12 धाराओं में उस्मान नगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है । मौके पर गिरफ्तार किए थे गणेश राठौर से इन सैनिकों के 27 दिन की 01 लाख रुपये की मजदूरी का भुगतान भी कराया गया है। श्रमिकों को लाने के लिए नांदेड़ गये दल में श्री सुनिल यादव (श्रम निरीक्षक), श्री तीरथ प्रसाद अक्षरिया (राजस्व निरीक्षक) वारासिवनी एवं श्री अर्जुन सेमलिया (ए.एस. आई) थाना रूपझर शामिल किये गये थे।
ग्राम बांदाटोला समनापुर के जिन बैगा आदिवासी ग्रामीणों को महाराष्ट्र के नांदेड़ में बंधक बनाया गया था उनमें 23 वर्ष की दमयंती मरावी, 17 वर्ष का लक्ष्मन धुर्वे, 31 वर्ष का दिनेश धुर्वे, 17 वर्ष की बस्तिन धुर्वे, 16 वर्ष का रोहित मरावी, 16 वर्ष का जितन धुर्वे, 17 वर्ष का अक्कल सिंह धुर्वे, 18 वर्ष की गीता मरावी, 35 वर्ष का शंकर मरकाम, 21 वर्ष की अशोक मड़ावी, 24 वर्ष का पुनऊ धुर्वे, 32 वर्ष का सुखदेव धुर्वे, 48 वर्ष का हंसु सिंह धुर्वे, 18 वर्ष की गीता मड़ावी, 17 वर्ष की सोनकली धुर्वे, 18 वर्ष की पूर्णिमा धुर्वे, 19 वर्ष की सुखवारा धुर्वे, 19 वर्ष की सुनीता मड़ावी, एवं 17 वर्ष की रजनी धुर्वे शामिल है।

















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