भगवान ने देवराज इंद्र का अहंकार दूर करने बृजवासियो से कराई गोवर्धन पूजा
दमोह। ग्राम मड़ाहार रीता नाला पटेल चैराहा निवासी टीकाराम पटेल के निवास पर चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिवस की कथा में कथा व्यास पं उमाशंकर शास्त्री बनवार (श्री धाम व्रन्दावन) ने कहा कि भगवान ने देवराज इंद्र का अहंकार दूर करने के लिए वृंदावनवासियो से इन्द्र का पूजन ना करके गोवर्धन का पूजन करने के लिए कहा जिसको मानकर के वृंदावनवासियो ने समस्त पूजन की सामग्री तैयार कर एवं छप्पन प्रकार के प्रसाद बनाकर के बिधिवत भगवान गोवर्धन का पूजन किया उसके बाद सभी ने बड़े ही प्रेम से भगवान गोवर्धन को छप्पन भोग लगाए। जिसपर इन्द्र ने क्रोध मे आकर के प्रलयकारी मेघो को बुलाकर वृंदावन मे भयंकर बारिष करने को कहा इन्द्र की आज्ञा से मेघो ने प्रलयकारी बर्षा प्रारम्भ कर दी । लेकिन इधर श्री कृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत लगातार 7 दिनो तक अपनी उंगली पर उठाकर प्रलयकारी बारिष से बृजवासियो की रक्षा की इधर इन्द्र को जब ज्ञान हुआ कि मैंने साक्षात परमात्मा नारायण का अपराध किया है तो वह गोचारण की लीला करते हुए। भगवान की शरण में आया और क्षमा प्रार्थना की परमात्मा ने अपना शरणागत वत्सल नाम सार्थक करते हुए इन्द्र के अपराध को क्षमा कर दिया समस्त वृंदावनवासियो ने बहुत ही आनन्द के साथ गोवर्धन महोत्सव को मनाया। आज सुबह से हो रही बारिश के बाद भी संगीतमय भागवत को सुनने के लिए आस पास के श्रोताओं का आगमन जारी रहा।

















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