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Sunday, February 27, 2022

27 फरवरी से दी जाएगी पल्स पोलियो खुराक 0 से 5 वर्ष तक के 41,380 बच्चे होंगे लाभान्वित

 27 फरवरी से  दी जाएगी पल्स पोलियो खुराक

0 से 5 वर्ष तक के 41,380 बच्चे होंगे लाभान्वित



दंतेवाड़ा 26 फरवरी 2022। जिले में पल्स पोलियो अभियान 27 फरवरी से शुरू किया जा रहा है। जिसमें जिले के 0 से 5 वर्ष तक के कुल 41,380 सर्वेक्षित बच्चे को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान को सफल बनाने के लिये जिले में कुल 320 बुथ बनाये गये है जिसमे 657 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, साथ ही बाजार, मेला मड़ाई ,उच्च जोखिम क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, भवन निमार्ण साइटों में कुल 9 मोबाईल टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही 8 ट्रांजिट टीम लगाई गई है। पल्स पोलियो अभियान के मॉनिटरिंग हेतु क्षेत्र में 33 सेक्टर का गठन कर 33 पर्यवक्षेक की ड्यूटी लगाई गई है।


सीएमएचओ डॉ. जी. सी शर्मा ने बताया, " भारत एक दशक से पोलियो मुक्त बना हुआ है। चूंकि पोलियो एक बहुत ही गंभीर और संक्रामक बीमारी है, इसलिए इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय यही है कि पांच साल तक के बच्चों को हमेशा पोलियो ड्रॉप पिलाते रहें। कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए इसके अनुकूल सभी कदम उठाए गए हैं। जैसे - बूथों पर भीड़ जमा न होने देना, दो मीटर की दूरी बनाकर रखना, मास्क पहनना, हाथ धोना और हवादार वातावरण में पोलियो खुराक पिलाना। पोलियो अभियान में इस बार ईंट भट्ठों और निर्माण इलाकों में विशेष तौर पर निगरानी कर पोलियो खुराक पिलाई जाएगी। यह रणनीति इसलिए बनाई गई है, क्योंकि मजदूर वर्ग के लोग काम खत्म होने के बाद जल्दी- जल्दी अपना जगह बदल लेते हैं। इसके चलते इनके बच्चे खुराक पीने से छूट जाते हैं।


क्या है पोलियो

यह एक संक्रामक रोग है, जिसे पोलियोमेलाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। मुख्य रूप से इसका वायरस मुंह के जरिए आपके शरीर में प्रवेश करता है। इसके बाद यह वायरस रक्त कोशिकाओं के माध्यम से केंद्रीय स्नायुतंत्र (सेंट्रल नर्वस सिस्टम) पर आघात करता है। इसके चलते हड्डियों का विकास रुक जाता है और बच्चा कअपंग हो जाता है। इसका सबसे अधिक प्रभाव पांच साल तक के बच्चों पर होता है इसलिए इसे शिशु अंगघात भी कहा जाता है। विज्ञान अभी तक इसका इलाज नहीं तलाश पाया है. लेकिन पोलियो के टीके या ड्रॉप के जरिए किसी बच्चे को इसका शिकार होने से पहले बचाया जरूर जा सकता है।


पोलियो के लक्षण हैं

अधिकतर मामलों में मरीजों में पोलियो के लक्षणों का पता नहीं चलता, लेकिन अन्य मामलों में इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हैं-फ्लू जैसे लक्षण, पेट दर्द, सिर दर्द, पीठ में दर्द, डायरिया, उल्टी, गले में दर्द, हल्का बुखार, मांसपेशियों में जकड़न, अधिक कमजोरी या थकान होना, सांस लेने में तकलीफ, कुछ भी निगलने में तकलीफ होना, लार गिरना।

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