जनसुनवाई में सुनी गई आमजन की समस्यायें93 आवेदकों ने अपनी समस्याओ को लेकर दिये आवेदन
शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कड़ी में आज 22 फरवरी 2022 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती आयुषी जैन, श्री राहुल नायक ने अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ अपनी समस्यायें लेकर आये आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र निराकरण करने के दिये । आज की जनसुनवाई में कुल 93 आवेदक अपनी समस्यायें एवं शिकायतें लेकर आये थे।
जनसुनवाई में ग्राम मिरगपुर के युवा गांव में संचालित डीपी राय की मैंगनीज खदान में स्थानीय लोगों को काम दिलाने की मांग लेकर आये थे। इन ग्रामीणों का कहना था कि मिरगपुर में संचालित इस भूमिगत खदान में 150 से 200 मजदूर कार्यरत है। इनमें 15 से 20 प्रतिशत मजदूर ही स्थानीय ग्राम के है। शेष मजदूर 15 से 20 किलोमीटर दूर से आकर कार्य कर रहे है। इस खदान में महाराष्ट्र के लोगों को भी काम पर लगाया गया है। जिसके कारण गांव के स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि जनचर्चा के अनुसार खदान के संचालनकर्त्ता 20 से 25 हजार रुपये लेकर बाहरी लोगों को काम पर ले लेते हैं और स्थानीय बेरोजगार युवाओं को वापस कर देते है। अत: इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर स्थानीय युवाओं को खदान में काम दिलाया जाये।
जनसुनवाई में किरनापुर विकासखंड के ग्राम बोरगांव की भूलन बाई ठाकरे शिकायत लेकर आयी थी कि ग्राम रोजगार सहायक रामकृष्ण रिनायत द्वारा उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से विलोपित कर दूसरी महिला दुर्गेश्वरी को आवास योजना का लाभ दिलाया है। ग्राम रोजगार सहायक द्वारा आवास स्वीकृत कराने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। लेकिन उसे रुपये नहीं देने के कारण उसका नाम आवास योजना की सूची से विलोपित कर दिया गया है। ग्राम रोजगार सहायक द्वारा गांव के पक्के मकान वाले लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया गया है। अत: इसकी जांच करायी जाये। ऐसी ही शिकायत खैरलांजी तहसील के ग्राम अतरी का भागचंद बिसेन लेकर आया था। भागचंद का कहना है कि पंचायत के सचिव द्वारा आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई है और रुपये नहीं देने पर उसका नाम हितग्राहियों की सूची से काट दिया गया है।
जनसुनवाई में वारासिवनी का ओमप्रकाश गजभिये विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने की मांग लेकर आया था। बालाघाट तहसील के ग्राम नैतरा के गुलजार सिंह धुर्वे, ईसराईल शेख, कन्हैया खंडाते एवं झनकलाल मरकाम अपना मकान जर्जर होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग लेकर आये थे। लालबर्रा तहसील के ग्राम घोटी के संतोष देशमुख व आलोक गेडाम शिकायत लेकर आये थे कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में दर्ज है। लेकिन पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा डाटा सूची से उनका नाम हटा दिया गया है। अत: उनका नाम डाटा सूची में शामिल किया जाये। लालबर्रा तहसील के ग्राम रमपुरी का भेजनलाल सराठे आवासीय भूमि का पट्टा देने की मांग लेकर आया था।
लांजी तहसील के ग्राम रमपुरा की ग्राम पंचायत प्रधान एवं ग्रामीण शिकायत लेकर आये थे कि उनकी पंचायत का ग्राम रोजगार सहायक सुनील हरडे अपनी मन मर्जी से काम करा रहा है। गांव में काम कराने के लिए पंच एवं ग्राम प्रधान से नहीं पूछा जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से 05 हजार रुपये की वसूली की जा रही है। अत: ग्राम रोजगार सहायक को पद से पृथक किया जाये। किरनापुर तहसील के ग्राम कुंडा मोहगांव की लक्ष्मी मेश्राम सामाजिक न्याय विभाग से उसे लेपटाप दिलाने की मांग लेकर आयी थी। लक्ष्मी का कहना था कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है और पीजी कालेज बालाघाट से हिंदी में एमए की पढ़ाई कर रही है। उसे आगे की पढ़ाई के लिए लेपटाप की जरूरत है।
जनसुनवाई में किसान संघ बिरसा के सदस्य ग्राम मानेगांव में गेहूं की खरीदी के लिए केन्द्र बनाये जाने की मांग लेकर आये थे। लालबर्रा तहसील के ग्राम बल्हारपुर के ग्रामीण अपनी पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक व प्रभारी सचिव महेन्द्र कटरे को पद से पृथक करने की मांग लेकर आये थे। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम रोजगार सहायक द्वारा आवास योजना के हितग्राहियों से अवैध रूप से राशि की मांग की जाती है और मनरेगा के कार्यो में गड़बड़ी की जा रही है। कटंगी तहसील के ग्राम चिकमारा के किसान राधेलाल गाड़ेकर शिकायत लेकर आये थे कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि अब तक नही मिली है।

















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