अमानक स्तर का बीज प्रदाय करने का मामलातीन कृषि आदान विक्रेताओं के बीज विक्रय लायसेंस निलंबित
बालाघाट -किसानों को अमानक बीज प्रदाय करने के मामले में उप संचालक कृषि एवं अधिसूचित अधिकारी श्री राजेश खोब्रागड़े ने जिले के तीन कृषि आदान सामग्री विक्रेताओं के बीज विक्रय लायसेंस निलंबित कर दिये है। इन विक्रेताओं को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए 21 दिनों के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने कहा गया है। समय सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर इन विक्रेताओं के लायसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जायेगी।
उप संचालक कृषि श्री राजेश खोब्रागड़े ने बताया कि अमानक कृषि आदान सामग्रियों पर कृषि विभाग द्वारा सतत कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में जिले के बीज निरीक्षको द्वारा बीज के नमूने लेकर प्रदेश की अधिसूचित प्रयोगशाला को अंकुरण परीक्षण हेतु भेजा गया था । जिसमें विक्रेता मेसर्स हलघर कृषि केन्द्र लांजी (प्रो. श्री किशोर कुमार ऐडे) से बीज उत्पादक कम्पनी एक्सोटिका हाईटेक सौइस प्रा.लि.का बीज किस्म MTU-1010 अमानक स्तर का पाया गया है। इसी प्रकार विक्रेता मेसर्स श्री सांई कृषि केन्द्र, कटंगी (प्रो. अनिल परिहार) से बीज उत्पादक कम्पनी बजाज एग्री सीडस प्रा.लि. का बीज किस्म प्रिया T/L अमानक पाया गया है। मेसर्स पारधी ट्रेडर्स, किरनापुर (प्रो. महेश पारधी) से बीज उत्पादक कम्पनी पेन्ना सीडस प्रा.लि. का धान बीज किस्म पेन्ना 808, जे. के. सीडस प्रा.लि. का धान बीज किस्म JK FAYAOA एवं गीता सीडस प्रा.लि. का धान बीज किस्म सूर्या अमानक पाया गया है।
इन तीन कृषि आदान सामग्री विक्रय करने वाले प्रतिष्ठान में विक्रय किया जा रहा धान बीज अंकुरण की न्यूनतम सीमाओं के अनुरूप न होने के कारण बीज (नियंत्रण) आदेश की धारा-5 (अ) के अधीन उनका बीज विक्रय लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन तीनों विक्रेताओं को लायसेंस निलंबन के संबंध में 21 दिवस के अंदर कार्यालय उप संचालक कृषि बालाघाट में समक्ष में कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने कहा गया है।

















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