प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सस्ती दर पर मिलेगी रेत
बालाघाट -प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को अपना आवास बनाने के लिए सस्ती दर पर रेत उपलब्ध कराई जायेगी। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में रेत खदानों के ठेकेदारों एवं खनिज अधिकारी की बैठक में इस संबंध में विस्तार से चर्चा कर यह निर्णय लिया गया है। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार भी उपस्थित थे।
बैठक में तय किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को सस्ती दर पर रेत प्रदान करने के लिए एक व्यवस्था बनाई जायेगी। इसके अंतर्गत 08 से 10 ग्रामों का एक क्लस्टर बनाया जायेगा और इस क्लस्टर के ग्रामों के प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को चिन्हित किया जायेगा। चिन्हित हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए 600 रुपये प्रति ट्राली की दर से स्वयं को रेत लाने के लिए रेत खदान के ठेकेदार द्वारा पर्ची प्रदान की जायेगी। इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जायेगा कि कोई भी हितग्राही आवश्यकता से अधिक रेत न लाये। वर्ष 2021-22 के 64 हजार 324 एवं वर्ष 2020-21 के निर्माणाधीन 7347 आवासों के हितग्राहियों को सस्ती दर पर रेत उपलब्ध कराने के लिए चिन्हित किया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की मांग थी कि उन्हें आवास निर्माण के लिए सस्ते दाम पर रेत उपलब्ध कराई जाये। हितग्राहियों का कहना था कि रेत के दाम बहुत अधिक बढ़ जाने के कारण उनके आवास की लागत बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की समस्या को समझा और रेत खदानों के ठेकेदारों के साथ बैठक कर हितग्राहियों की समस्या का समाधान कर दिया है।
[05/02, 11:26 am] +91 81200 86063: गेहूं खरीदी के लिए 05 फरवरी से किसानों का पंजीयन प्रारंभ
नहीं आयेंगें एसएमएस, किसान अब स्वयं स्लॉट बुक कर बेच सकेंगे अपनी उपज
बालाघाट।शासन की नीति के अनुसार रबी उपार्जन वर्ष 2022-23 में किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए 05 फरवरी 2022 से किसानों का पंजीयन प्रारंभ किया जा रहा है। किसानों का पंजीयन 05 फरवरी से 05 मार्च 2022 तक किया जायेगा। कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है।
किसानों की उपज खरीदी में होने वाली गडबड़ी को रोकने के लिए शासन द्वारा उपार्जन नीति में बड़ा फेरबदल किया गया है। इस बार किसानों को गेहूं खरीदी के लिए किसी भी तरीके से एसएमएस नहीं भेजा जाएगा, न ही उनकी खरीदी गई फसल के भुगतान के लिए बैंक खाता नंबर व आई.एफ.सी. नंबर मांगा जायेगा । इतना ही नहीं किसान घर बैठे ही पंजीयन कर सकेगे। पंजीयन के लिये अन्य सेंटर भी तय किये गये हैं, जिसके तहत वे शुल्क देकर भी पंजीयन करा सकते है। इस बार किसान को अब तक फसल के भुगतान के लिये बैंक खाता नंबर व आई.एफ.सी. कोड देना पड़ता था त्रुटि होने पर भुगतान असफल हो जाता था, लेकिन अब व्यवस्था में बदलाव कर बैंक खाता नंबर व आई.एफ.सी. कोड आधार नंबर से लिंक खाता नंबर ही लिया जायेगा इसके लिये उन्हें अपने आधार नंबर से बैंक खाता नंबर व मोबाईल नंबर लिंक करवाकर अपडेट रखना होगा।
किसान पंजीयन की इस बार दो व्यवस्था की गयी है। किसान मोबाईल व कम्प्यूटर से निर्धारित लिंक पर जाकर घर बैठे पंजीयन कर सकेगे। साथ ही समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर भी पंजीयन होगे । दोनों जगह शुल्क नहीं देना होगा। इसके आलावा वह 50 रूपये शुल्क देकर कियोस्क सेंटर, कामन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र व साइबर कैफे से पंजीयन करवा सकेगे।
अब तक किसानों को एस.एम.एस.आते थे इसमें मिली तिथि के अनुसार ही किसान फसल बेच सकता था। परन्तु इस बार एस.एम.एस. की अनिवार्यता समाप्त कर दी गयी है। फसल बेचने के लिये अब किसान निर्धारित पोर्टल से नजदीक के उपार्जन केन्द्र, तिथि, टाईम स्लॉट का चयन खुद कर सकेगे। इसका चयन नियत तिथि के पहले करना होगा। सामान्य तौर पर उपार्जन प्रारंभ होने की तिथि के एक सप्ताह पहले तक उपार्जन केन्द्र तिथि व टाईम स्लॉट का चयन किया जा सकेगा। इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं छन्ना लगाकर खरीदा जायेगा। जब किसान उपज लेकर उपार्जन केन्द्र पर आयेगा तो उसे छन्ने से छानकर लिया जायेगा, ताकि गुणवत्तायुक्त उपज की ही खरीद हो। इससे न तो समितियों को कोई परेशानी होगी और ना ही किसानों को भुगतान में कोई समस्या आयेगी। उपज किसान की हो यह सुनिश्चित करने के लिये उसकी पहचान अंगूठे का निशान लेकर की जायेगी। आधार के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद उपज बेची जा सकेगी।
किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में होगा सकेगा जब भू-अभिलेख में दर्ज, खाते व खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख व आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जायेगा। किसान उपार्जन केन्द्र पर जाकर फसल देखने के लिये अपने परिवार के किसी सदस्य को नामित कर सकेगे। नामित व्यक्ति का भी आधार वेरीफिकेशन कराया जायेगा। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिये पंजीयन 05 फरवरी से 05 मार्च तक होगे। उपार्जन केन्द्र तिथि व टाईम का चयन 07 से 20 मार्च तक किया जा सकेगा। उपार्जन अवधि संभावित 25 मार्च से 15 मई तक तय की गयी है।

















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