पुननी स्नान के बाद से हुआ रतनपुर मेला प्रारंभ अनेक प्रकार के झूला से सजा रतनपुर मेला
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर...माघी पूर्णिमा मेला 16फरवरी से रतनपुर में प्रारंभ हो गई है सुबह पुन्नी स्नान के बाद से माघी पूर्णिमा मेला रतनपुर मेला स्थल में सज चुकी है रतनपुर मेला पुरे छत्तीसगढ़ में पुन्नी मेला के रूप में प्रसिद्ध है रतनपुर का यह पौराणिक मेला आठाबिसा तालाब के तट पर स्थित सतीचौरा की याद में मनाया जाता है बताया जाता है कि यहां पर राजा की रानीया सती हुई थी तब से यह मेला यहां हर साल माघी पूर्णिमा के दिन से लगता है तत्कालीन विधायक राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने इस मेले को आदिवासी विकास मेला के नाम से और विस्तार देने का काम किया था लेकिन इस बार प्रशासन के द्वारा प्रशासनिक मेला और प्रदर्शनी नहीं लगाया गया है इस बार यह मेला पारंपरिक मेला के रूप में सजधज कर तैयार हो गया है यहां पर पहले ही दिन मेला घूमने वाले आने लगे हैं,
यहां सभी प्रकार के प्रकार के झूले, साल-ओखरा, मिठाई, जूता चप्पल ,कपड़े बर्तन लकड़ी के खिलौने इत्यादि की अनेक प्रकार की दुकानें लग के तैयार हो गई है प्राचीन काल से लग रहा मेल सभी प्रसिद्ध मेलो में से एक मानी जाती है

















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.