मंदिर ट्रस्ट में चल रही है सत्ता में बैठे लोगों की मनमानी - संजीव गोमास्ता ।
महेंद्र शर्मा बंटी छत्तीसगढ़ रिपोटर-डोंगरगढ़ संजीव गोमास्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि श्री बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति में प्रत्येक 3 वर्ष में संरक्षक श्रेणी आजीवन श्रेणी और साधारण श्रेणी के मतदाताओं द्वारा 15 ट्रस्टीयों का निर्वाचन होता है।
विगत 2019 में 3 मार्च को निर्वाचन हुआ था और 4 मार्च को समस्त 15 ट्रस्टीयों को निर्वाचन पत्र प्रदान किया गया था। तीन वर्ष पश्चात इस वर्ष श्री बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट का निर्वाचन होना है। अतः अब तक समस्त चुनावी प्रक्रियाओं को निपटा कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा कर दी जानी चाहिए थी। परंतु सत्ता में बैठे वर्तमान पदाधिकारीयों एवं ट्रस्ट मंडल द्वारा मनमाने तरीके से अभी तक चुनावी कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है और आम नागरिकों की मांग के पश्चात भी मात्र साधारण श्रेणी की सदस्यता खोली गई है। साधारण श्रेणी के सदस्यता के लिए पूर्व में 51 रूपया दिया जाता था। वर्तमान पदाधिकारीयों ने बहुमत से निर्णय लिया गया है कि अब 3612 रुपए की राशि एक मतदाता को मतदाता बनने के लिए प्रदान करनी पड़ेगी। जिसके लिए ट्रस्ट मंडल द्वारा मात्र 3 से 12 मार्च तक का समय निर्धारित किया गया है और फार्म बांटने के लिए अध्यक्ष को अधिकृत किया गया है। साथ ही वर्तमान ट्रस्ट मंडल द्वारा बिना सूचना के अनाधिकृत रूप से साधारण श्रेणी से निर्वाचित तीन ट्रस्टीयों संजीव गोमास्ता बबलू शांडिल्य अजय ठाकुर को ट्रस्ट मंडल से हटा दिया गया है। यह कार्य पूर्ण रूप से विधान के विपरीत है। जबकि कोई भी ट्रस्टी जो निर्वाचित है वह अगले निर्वाचन तक ट्रस्टी रहेगा ऐसा कोई भी आम आदमी भी जानता है। पूर्व में सदस्यता राशि में मनमानी वृद्धि करने का एक प्रयास वर्तमान ट्रस्ट मंडल द्वारा और किया गया था जिसे साधारण सभा में आम मतदाताओं द्वारा खारिज किया जा चुका है। राशि वृद्धि के लिए आम सभा नहीं बुलाया जाना भी विधान के विपरीत है।
ट्रस्ट समिति मे 1998 से संरक्षक और आजीवन श्रेणी एवं 2001 से साधारण श्रेणी की सदस्यता खोली नही गयी हैं। ट्रस्ट मंडल में जब भी सदस्यता की खोलने की बात आती है। संरक्षक श्रेणी के सदस्यों द्वारा मात्र साधारण श्रेणी की सदस्यता खोलने का पक्ष रखा जाता रहा है और पूर्व में जब भी अन्य ट्रस्टीयों द्वारा सभी श्रेणी की सदस्यता खोलने की बात की जाती थी तो इनके द्वारा अत्यधिक मतदाता राशि तय कर विवाद की स्थिति पैदा करने के बाद सदस्यता नहीं खोलने का निर्णय पास कर दिया जाता रहा है क्योंकि ट्रस्ट मंडल में 15 में से सात ट्रस्टी संरक्षक श्रेणी के होते हैं इसलिए यह अपनी मनमानी करते हैं। और जब विगत वर्षों से सदस्यता खोलने का दबाव बढ़ने लगा तो संरक्षक श्रेणी के दोनों अलग-अलग ग्रुप के ट्रस्टीयों ने एक ग्रुप बना लिया जिससे उनकी मनमानी चलते रहे। और आज सदस्य (मतदाता) बनने के लिए ऐसी राशि बहुमत से पास किया जा रहा है जो आम लोगों की पहुंच से बाहर रहे। संरक्षक मंडल से बने 7 ट्रस्टीयों के कारण सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। उन्हें अपनी कुर्सी जाने का भय सदैव सताता है।
ट्रस्ट मंडल द्वारा आजीवन और संरक्षक श्रेणी की सदस्यता नहीं खोले जाने से और सदस्यता की राशि मनमाने ढंग से 3612 रुपए करने से डोंगरगढ़ के लोग आक्रोशित हैं। वर्तमान ट्रस्ट मंडल का प्रयास यह है सनातन हिंदू धर्म को मानने वाले *आम लोग* किसी भी स्थिति में मंदिर ट्रस्ट के मतदाता ना बन पाए।

















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