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Friday, March 25, 2022

*्हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी हास्यचार्य अलंकार वर्ष 2022 समारोह संपन्न हुआ

 *्हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी हास्यचार्य अलंकार वर्ष 2022 समारोह संपन्न हुआ


*दमोह।* रंग पंचमी के पावन अवसर पर खंड के सुप्रसिद्ध कवि स्वर्गीय हनुमान प्रसाद अरजरिया हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी समारोह शासकीय जिला पंचायत बस स्टैंड में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुनंदन चिंले की मुख्य अतिथि नारायण सिंह ठाकुर, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र दुबे और नंद लाल परिहार ने की सभी अतिथि द्वव द्वारा हास्य कवि जीजा बुंदेलखंड के चित्र पर माल्यार्पण किया।


कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया। अलंकरण 2022 का नेमीचंद बड़कुल बाबू एवं ईश्वर दयाल गोस्वामी रहली को संम्मानित किया गया। हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी के गीतों की प्रस्तुति श्रीमती विमला तिवारी ने की मकरी कैसो जार, राजा नुनुर कैसे पैहो, रमेश तिवारी ने प्रस्तुत किया झांकी झाक लो रे भैया, बिन्नू हरो। जीजा बुंदेलखंडी के पुत्र नरेंद्र अरजरिया बेटा बुंदेलखंडी जाने पर है ससुराल मायके में कै दिन रेहो हो उसी के बाद मुख्य अतिथि नारायण सिंह ठाकुर ने कहां जीजा कवि बहुत जल्दी चले गये, वे सोटा मार कवि थे पर उन्होने एक कॉलेज के आयोजन की बात कहीं जहां कॉलेज के लड़को ने बड़े बड़े कवियों को हूट कर दिया, संचालन परेशान होगया तब जीजा कवि को ये दायित्व सौंपा गया, जीजा कवि मंच पर खड़े हुये और बोले राते जिज्जी धर चिलानी वस इतना कहते ही लोग तालियां बजाने लगे और जीजा कवि ने मंच लूट लिया और वे सोटा मार कवि थें नरेन्द्र दुबे ने कहां कि हास्य कवि जीजा बुंदेलखंडी की रचनाओं का प्रकाशन एवं उनके गीतों को स्वर ताल तरिके से उनका रचनायें प्रकाशित होना चाहिए साल बाद तरीके से स्वर दिया जाए ऐसे विचार रखें। नंदलाल सिंह परिहार ने जीजा बुंदेलखंडी के रचनाओं की काव्य शिल्प पर प्रकाश डाला झांकी झांक लो रे भैया विन्नू हरों गीत में काव्य की कारिगरी शब्द संयोजन कुशल चितेरे के रूप में कवि थे उन्हें अपने गीतों के माध्यम से पूरे देश में बुंदेल का परचम फहराया।  

कार्यक्रम मैं बीएम दुबे, बबीता चौबे, श्रीमती रेखा चौधरी, असलम खान, विपिन चौबे, पिंमी परिहार, अमर सिंह इंजीनियर, पंडित नीलमणि दीक्षित, उमेश तिवारी, मनोरमा रतले, मानव बजाज, हरि मिश्रा, नंने सिंह, जितेन्द्रनाथ, सदन नेमा, रमेश तिवारी, सुसंस्कृति परिहार की उपस्थिति रही। मंच संचालन डॉ प्रेमलता नीलम ने किया, आभार नरेंद्र अरजरिया ने माना।

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