विश्व जल संरक्षण दिवस मनाया गया
पैलीमेटा_शासकीय प्राथमिक शाला पैलीमेटा के शिक्षक हमेशा से बच्चों को कुछ न कुछ नया करने के लिए प्रेरित करते रहता है।
आज विश्व जल संरक्षण दिवस पर कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को 10 मिनट का का लघु फिल्म दिखाया गया।जिसमे सारे रोल मॉडल बच्चे ही प्रस्तुत कर रहे थे।जिसको देखकर सभी बच्चे बहुत प्रभावित हुए।अपने दैनिक जीवन में जल का सदुपयोग और दुरुपयोग को बच्चों ने टी वी में देखकर संकल्प लिया की आज के बाद हम सब प्रतिदिन जल संरक्षण करने का प्रयास करेंगे।अपने घर परिवार और समाज के लोगों को भी जल संरक्षण के बारे में बताएंगे।जल ही जीवन है।जल है तो कल है।अगर तीसरे विश्व युद्ध से बचना है तो जल संरक्षण का रास्ता अपनाना होगा।
अपने जीवन में प्रात:जागरण से रात्रि विश्राम तक जल संरक्षण पर काम करेंगे। कम से कम पानी का उपयोग करते हुए स्नान करना,कपड़ा धोना,भोजन बनाना,शौचालय में उपयोग करना,खाने पीने से बचे पानी का पेड़ पौधों पर सिंचाई करना,पानी पीते वक्त बेवजह पानी को नही फेकना। मग्गा और गिलास का उपयोग करना।हैंडल वाले बर्तन से पानी निकालना।खाते पीते वक्त साबुन से हाथ धोना।शौचालय से आकर हाथ धोना।
जहां कहीं भी नल से बेवजह पानी बह रहा हो उसको बंद करना उसमे टोटी लगाना।आवश्यकता पड़ने पर ही बोर पम्प, कुंआ,बोरिंग आदि का उपयोग करना।आवश्यकता होने पर बड़े बर्तन में पानी एकत्र करते हुए उपयोग करना।बर्तनों की सफाई,दातुन,ब्रश,कपड़ा धोते समय कम से कम जल का उपयोग करना।अपने परिवार के सदस्यों को भी जल संरक्षण के बारे में बताना।सभा,नुक्कड़,रैली के द्वारा समझने _समझाने का प्रयास करना है।गाड़ी,मोटर साइकिल, कार धोते समय भी कम से कम पानी का उपयोग करना है।कृषि कार्यों में जल को संरक्षित करते हुए काम करना है।वर्षा ऋतु के जल को जमीन के अंदर तक सोकता कंकड़, पत्थर,रेत का उपयोग करते हुए पहुंचाना है।सभी बच्चों ने एक एक कर अपनी बात रखी।शिक्षक तुलेश्वर कुमार सेन ने सभी को प्रोत्साहित किया और जल संरक्षण का संकल्प कराया।समय समय आडियो /वीडियो/मोबाइल से शिक्षा देते रहते हैं।



















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