अस्पताल की लचर व्यवस्था दो दिन में लगातार दो बच्चों ने जन्म लेते ही दमतोड़ा
सुकमा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत इतनी ज्यादा खराब है कि पिछले दो दिनों में दो बच्चों की आंख खुलने से पहले ही बन्द हो गई दोनों की माताओं एवं परिजनों की रो रोकर हालत बदतर हो गई है
मिली जानकारी के अनुसार कूकानार के पेदापारा की 22 वर्षीय शिवानी पति अनत की पहली संतान होनी थी उसके घर मे खुशियां मनाई जा रही थी इसी खुशी की चाहत में शिवानी के परिवार वाले शिवानी को 4 मार्च को प्रसव पीड़ा प्रारम्भ होने पर 4 बजे सुबह अस्पताल में भर्ती कराया परन्तु 1 घण्टे में ही उनकी खुशियां मातम में बदल गई 5 बजे ही उनके बच्चे ने जन्म लेते ही दम तोड़ दिया
दूसरी घटना भी कूकानार के ही ठोठा पारा निवासी 28 वर्षीय मनीता पति श्यामलाल के साथ हुई मनीता को चौथा बच्चा होना था उसे भी 4 मार्च को रात 9 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया व दूसरे ही दिन 9 बजे लगभग उसके बच्चे ने भी जन्म लेते दम तोड़ दिया ,दोनों के ही परिजन बहुत ही दुखी होकर अस्पताल में सही प्रकार से ट्रीटमेंट न मिलने का आरोप लगा रहे हैं मनीता के ससुर मनीराम एवं शिवानी के चाचा ससुर लछिम ने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की उचित व्यवस्था नहीं थी रात में मरीज को अकेला छोड़ दिया जाता है भगवान के भरोसे ही पेशेंट रहते है कोई आवश्यक कार्य होने पर आवाज देने पर भी कोई नहीं आता डॉक्टर का भी निवास यहाँ नहीं है जिसके कारण हमें सही चिकित्सा प्राप्त नहीं हुई व हमारे बच्चों की मृत्यु हो गई जिसके जिम्मेदार यहाँ के कर्मचारी हैं जिसकी जांच होनी चाहिए व जिम्मेदारों को इसकी सजा मिलनी चाहिए
इस विषय मे जब हमने यहाँ पदस्त डॉक्टर पवन से बात की तो उन्होंने कहा कि बच्चे की मृत्यु गन्देपानी सीने में चले जाने की वजह से हुई है साथ ही यह भी बताया कि कूकानार अस्पताल में एक भी एम्बुलेंस नही है जिसकी वजह से क्रिटिकल केश को हम तत्काल रिफर नहीं कर सकते हैं हमे 102 के ऊपर ही निर्भर रहना पड़ता है व कभी कभी 102 भी समय पर नहीं मिलती जिससे हमें विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है
*कारण कुछ भी हो ग्रामीणों में अस्पताल प्रबंधन के परतीं रोष*
बच्चो के मृत्यु का कारण जो भी हो परन्तु लगातार हुई मृत्यु से कूकानार के ग्रामीणों में रोष वयाप्त है यहाँ के उपसरपंच मुकुन्द दास ने भी 102 एवं 108 की मांग करते हुए कहा कि एम्बुलेंस के न होने से बहुत ही समस्या का सामना करना पड़ता है जल्द ही यहाँ यह व्यवस्था होनी चाहिए साथ ही कहा कि यहां पदस्त कर्मचारी अन्य स्थानों पर अपना मुख्यालय बना कर रखे हैं जिसके कारण वो समय पर अस्पताल नही पहुंचते है इस कारण से भी ऐसी समस्या उतपन्न होती है सभी कर्मचारियों को स्थाई तौर पर कूकानार में रहना होगाअन्यथा इसकी शिकायत जिला स्तर पर की जाएगी
*लगभग 20 हजार लोगों की चिकित्सा कूकानार अस्पताल पर निर्भर फिर भी एम्बुलेंस नहीं है*
विदित हो कि कूकानार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत कूकानार, बोकडा ओडार,पेदारास, बोदारास,टाँगर रास,कुन्दनपाल, पेंदलनार,डोलेरास,कुन्ना,के साथ साथ आप पास के दर्जनों गाँव के रहवासियों की चिकित्सा इसी अस्पताल पर निर्भर है बावजूद इसके प्रशासन ने अब तक इस अस्पताल को एक भी एम्बुलेंस नहीं दी है

















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