हाथी को रोकने के लिये हाथी संरक्षण और सवंर्धन के लिये लेमरू हाथी रिचर्व बनाये जाने की आवस्यकता है मरवाही वनमंडल को --प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल
वीरेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि मरवाही में हाथी और इंसानों का संघर्ष बड़ा चुनौती बना हुआ है। हर साल इंसान और हाथी के बीच होने वाले संघर्ष में दोनों की जान तो जाती ही है, साथ में संपत्ति और फसलों का भी भारी नुकसान होता है। इस संघर्ष को रोकने के साथ हाथी संरक्षण और संवर्धन के लिए लमेरु हाथी रिजर्व बनाया जाए*
जीपीएम जिला वनों से घिरा हुआ है. जिसके कारण यहां हाथियों की धमक होती रहती है. हाथी वनांचल क्षेत्रों में पहुंचकर जान-माल का नुकसान पहुंचाते है. हाथियों से ग्रामीणजन काफी प्रभावित है. हाथियों से बचाव को लेकर मरवाही वन मंडल द्वारा पहल तो की जाती है . गजराज को रोकना और आमजनों की सुरक्षा ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिये*
हाथियों से सुरक्षा के लिए हम सभी को मिल-जुलकर प्रयास करने होंगे. हाथियों को आकर्षित करने वाली चीजों जैसे- महुआ, महुए की शराब को ग्रामीण अपने घरों में ना रखें. धान एवं मक्का को भी बोरों में भरकर ग्राम पंचायत की किसी पक्की बिल्डिंग, सामुदायिक भवन या घर में बोरों पर पहचान चिन्ह लगाकर या नाम लिखकर एक साथ रखें. हाथी कच्चे घरों को आसानी से क्षतिग्रस्त कर देते हैं, लेकिन पक्की बिल्डिंगों को नहीं तोड़ पाते है. ग्राम पंचायतों में एक-एक पक्की मजबूत बिल्डिंग को चिन्हांकित कर उसे हाथियों के हमले के दौरान ग्रामीणों के ठहरने, सोने आदि के लिए भी उपयोग करना चाहिये*
वनविभाग कार्य तो कर रही है इसमें दो मत की बात नही ' पर हाथी को रोकने के लिये योजनाएं बनाकर क्रियान्वयन करना चाहिये ' क्योंकि हाथी को एक बार भागा देते है 'पर कुछ दिन में फिर हाथियों का आगमन होता है*


















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