खार्किव में फंसी छात्राओं की मुसीबतें बढ़ी,
जहाँ रूके वहाँ अब धमाकों की आवाज से कांप रही जमीन
खाना के बाद अब पानी की दिक्कतें, बार्डर पहुँचें छात्रों से मारपीट पर उतारू युक्रेन सेना
खैरागढ़ । युक्रेन में फंसें चिकित्सा छात्राओं की परेशानियाँ कम नहीं हो पा रही है। युक्रेन के खार्किव शहर में खैरागढ़ की विभा साहू भिलाई की 4 सहित उड़ीसा सहित दीगर प्रांतों की 3 सौ से अधिक एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाली छात्राएँ रूस की बमबारी के बीच फंसी हुई है। शहर के किसी मेट्रो स्टेशन के बेसमेंट में पिछले छह दिनों से फंसी इन छात्रों की मुसीबतें लगातार बढ़ रही है। दो दिन से खानें पीनें की व्यवस्थाएँ नही है । बार्डर पर युक्रेन के सैनिक छात्रों से मारपीट कर रहे है। ऐसे में इन छात्रों सहित परिजनों ने सरकार से किसी भी तरह बच्चों को वापस लानें अनुरोध किया है ।
ऊपर हो रहे धमाके, बेसमेंट की जमीन में हो रहा कंपन
आधी अधूरी बिजली, स्लो नेट, और लेदेकर बैठने की जगह में पिछले छह दिनों से अपनी जान बचाने में जुटें तीन सौ छात्राओं की मुसीबतें बढ़ गई है। शहर की विभा साहू ने बताया कि खार्किव में भी रूसी हमलें तेज हो गए हैं। बेसमेंट में होने की वजह से जान बच रही है । लेकिन वहाँ हो रहे धमाकों से अब बेसमेंट की जमीन हिल रही हैं। धमाकों की आवाजें कम आ रही है लेकिन जमीन के हिलने से हमले की स्थिति साफ हो रही है । धमाकों के कारण निकलना मुश्किल हो रहा है। खाने की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है।
दो दिन से खाना नही पानी की दिक्कतें भी बढ़ी
छात्राओं ने विडियों काल से बताया कि चार दिन तक किसी तरह खानें के लिए सूखें सामान लेदेकर मिल रहे थें दो दिन से जारी धमाकों के बीच अब वह भी बंद हो गया है। इसके चलते छात्रों ने शनिवार के बाद खाना नहीं खाया है। पानी की दिक्कतें भी बढ़ गई है। पानी की व्यवस्था नहीं होने से पीने का पानी तो लेदेकर मिल रहा है लेकिन शौचालय सहित अन्य दिक्कतें सामने आ गई है। मामलों को लेकर यूक्रेन में भारतीय एंबेसी ने भी अब मुंह मोड़ लिया है। वहाँ संपर्क करने पर अब कोई जवाब नहीं मिल रहा है । बिजली व्यवस्था चरमरा गई है जिससे मोबाइल पर संपर्क कर रहे छात्रों को चार्जिंग की परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। कई छात्रों के मोबाइल भी बंद हो चुके हैं। एक दूसरे की मदद से परिजनों से मैसेज में बात हो पा रही है ।
बार्डर पर मारपीट कर रही युक्रेन सेना
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छात्राओं ने बताया कि युक्रेन से किसी तरह निकलने की कवायद में जूटें कई सौ छात्रछात्राएँ रोमानिया और रूस बार्डर पर पहुंच गए हैं । लेकिन वहाँ व्यवस्था बनाने की बजाय युक्रेन की सेना के जवान मारपीट करने पर उतारू हो गए हैं। और छात्रछात्राओं से मारपीट कर रहे है । बार्डर पहुँचनें के लिए छात्रों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है । इसके बाद भी व्यवस्था नहीं हो रही है और बार्डर पर भी छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
आज वापसी की टिकट, सरकार से मांगा सहयोग
खैरागढ़ की विभा साहू ने बताया कि आज वापसी की टिकट करा चुके है लेकिन बेसमेंट से निकल पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में ने किस तरह से वापस जानें के लिए एयरपोर्ट तक पहुंचें इसकी व्यवस्था नहीं है । संबंधित मेडिकल कालेज वालें भी शुरू में व्यवस्था बना रहे थे लेकिन अब सबको अपनी जान बचाने की पड़ी है। इधर परिजन भी परेशान है। विभा के माता पिता ने बताया कि किसी भी तरह से बच्चों की सही सलामत वापसी हो जाए ऐसी सरकार से पहल की उम्मीद है ।
*सीएनआई खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*

















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