लगातार मिल रहे मृत बाघों के शव
सीएन आई न्यूज़ सिवनी मध्य प्रदेश से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
सिवनी पेंच राष्ट्रीय उद्यान सहित जिला के दूसरे वन्य क्षेत्रों के बाघ की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते 16 माह में 12 बाघ जिले में जान गवां चुके हैं। इनमें से अधिकांश की मौत आपसी संघर्ष अथवा वृद्धवस्था के कारण हुई है। बीते मार्च माह में तीन बाघों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक की जान हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 में बटवानी के पास अज्ञात वाहन की टक्कर में हुई थी। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश सहित जिले के जंगल में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अपना क्षेत्र निर्धारित करने के लिए बाघों के बीच संघर्ष होना स्वभाविक है। 10 अप्रैल को पेंच मोगली अभ्यारण अंतर्गत कुरई वन परिक्षेत्र की गंडाटोला बीट के कक्ष क्रमांक 644 में मृत के बाघ शावक की मौत दूसरे बड़े बाघ के हमले में हुई है। मृत बाघ शावक की उम्र डेढ़ से दो साल के आसपास होगी, जिसे बाघ की युवा अवस्था माना जाता है।मां का साथ छोड़ने के बाद युवा बाघ शये क्षेत्र की तलाश में निकल जाते है, जहां आपसी संघर्ष में कई बार कमजोर बाघ को अपनी गवानी पैड़ जाती है। लगातार हो रही घटनाएंः 1 मार्च 2022 को पेंच राष्ट्रीय उद्यान के कुरई परिक्षेत्र अंतर्गत आलेसुर एक वर्षीय मादा बाघ शावक का शव मिला था। मौके से कुछ दूरी पर दो बाघों के बीच संघर्ष के निशान पाए गए थे। बरघाट प्रोजेक्ट के सापापार में 16 नंवंबर को मृत मिले बाघ की मौत आपसी संघर्ष में हुई थी। पिछले साल फरवरी व अप्रैल में दो बाघों के शिकार की घटनाएं भी सामने आई थी ।दिनांक 10 अप्रैल 2022 को पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी अंतर्गत पेंच मोगली अभ्यारण परिक्षेत्र कुरई की बीट गण्डाटोला के कक्षा क्रमांक 644 में गश्ती दल को गर् गश्ती के दौरान एक बाघ धावक का शव प्राप्त हुआ। गश्ती दल द्वारा इसकी सूचना तत्काल वरिष्ट अधिकारियों को दी गई। सूचना प्राप्त होने पर वरिष्ट अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर क्षेत्र का गहनता से निरीक्षण किया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से भी क्षेत्र का निरीक्षण कराया गया। कोई संदिम्ध गतिविधि नहीं पाई गई। श्री एस. एम. उद्दे मुख्य वन संरक्षक वन वृत, सिवनी, श्री रजनीश कुमार सिंह, उप संचालक पेंच टाइगर रिजर्व, सिवनी, श्री आशीष पांडेय, अधीक्षक,पेंच मोगली अधीक्षक, पेंच मोगली अभयारण्य, श्री विलास डोंगरे, परिक्षेत्र अधिकारी पेंच मोगली अभ्यारण कुरई, श्री श्रीकांत चौधरी एन. टी. सी. ए.प्रतिनिधि की उपस्थिति में डॉक्टर अखिलेश मिश्रा वन्यप्राणी चिकित्सक द्वारा बाघ शावक के शव का परीक्षण किया गया। शव परीक्षण के दौरान शव के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि उक्त शावक को किसी अन्य बड़े वयस्क वन्यप्राणी द्वारा मारा गया हैं। शावक के शिव के कंधे के नीचे के लगभग पूरा हिस्से खाया जा चुका था, शिव के समीप खून बहने के निशान थे शव के समीप खून बहने के निशान थे,शावक की पूछ एवं पिछले दोनों पैर मय नाखूनों के शव के पास ही थे एवं शावक के दोनों अगले पैर मय नाखूनों के शव के साथ जुड़े थे। शव के दांत एवं मूछों के बाल शव के साथ सुरक्षित थे। कर्मचारियों के ने एक दिन पूर्व ही 9 अप्रैरल को गस्ती के दौरान घटना स्थल के पास ही पूरा दिन भर एक वयस्क नर बाघ को उपस्थित पाया था एवंम समस्त परिस्थिति जन्य साक्ष्य भी इसी वयस्क नर बाघ द्वारा शावक को मारे जाने की पुष्टि करते हैं।शव परीक्षण के दौरान फोरेंसिक जांच हेतु सैपल एकत्रित किया गए। उपरांत एन.टी. सी.ए.की एस.ओ.पी.का पालन करते हुए शंव को पूरी तरह जलाकर नष्ट किया गया ।


















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