मंगलागौरी धाम में चारों पीठ के शंकराचार्य भगवान के नाम पर घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
श्री शंकराचार्य आश्रम पूरी
रतनपुर.... बिलासपुर मंगला गौरी धाम में अपने नाम के अनुरूप भारत देश के चारों पीठ के शंकराचार्य भगवानों के नाम पर घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित है। पूरे भारत देश में एकमात्र मंगला गौरी धाम में सनातन धर्म के सर्वोच्च गुरुओं के नाम पर ज्योति कलश दैदीप्यमान है।।
ज्ञात हो कि श्री मंगलागौरी धाम शंकराचार्य आश्रम की स्थापना गोवर्धन मठ, पुरी पीठ के 145 वे जगतगुरु शंकराचार्य अनन्त श्री विभूषित स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज जी के कर कमलों से हुआ है।। मन्दिर के ऊपरी तल पर आदि गुरू शंकराचार्य भगवान का मंदिर स्थापित है जो पूरे भारत देश मे मन्दिर के रूप में एकलौता है।।आदि गुरू शंकराचार्य भगवान जिसे शंकर का अवतार माना जाता है उनके द्वारा ही चारों दिशा में चार पीठ की स्थापना कर चार शंकराचार्य को प्रतिष्ठित किया था तब से गुरू शिष्य परम्परा चल रही हैं।
आदि गुरू शंकराचार्य के द्वारा ही पंच दश अखाड़ा की की स्थापना की गई थी जिसमें शैव और वैष्णव संप्रदाय के सन्यासियों को स्थापित किया था ।आदि गुरू शंकराचार्य मन्दिर होने के कारण भारत के चारों पीठ के शंकराचार्य स्वामी के ज्योतिष कलश उनके भक्तो के द्वारा प्रज्ज्वलित कराए गए हैं।गोवर्धन मठ, पुरी पीठाधीश्वर अनन्त श्री विभूषित जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज के अखण्ड ज्योति कलश मन्दिर स्थापना काल से जल रहा है।द्वारिका मठ, ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अनन्त श्री विभूषित स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज एवं श्रृंगेरी मठ के जगतगुरु शंकराचार्य अनन्त श्री विभूषित स्वामी भारती तीर्थ के नाम पर अखण्ड मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित है।।मन्दिर के आचार्य दैवज्ञ पंडित रमेश शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में मनोकामना ज्योति कलश, ज्वारा,माता जस गीत के अलावा दोनों समय भंडारा की व्यवस्था है।।




















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