माहे-रमजान आया..मुस्लिम-धर्मावलंबियों के लिए खुशियो-की सौगात लाया..घरों-बाजारों इबादत-गाहों में रौनके बढ़ी।
रमजान के महीने में कसरत से इबादत-बुराइयों से दूर करता है..हाफिज गुलजार पेश-ईमाम-मस्जिदे-ताहा-कोटा
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर....02-अप्रैल की शाम माहे-रमजान का चांद नजर आने के बाद से मुस्लिम-धर्मावलंबियों में खुशी की लहर दौड़ गई..मस्जिदो में घरों में बाजारों में रौंनके बढ़ गई..02-अप्रैल को माहे रमजान का चांद नजर आने के बाद जिले की मस्जिदो में हाफिजे-कुरान के द्वारा पढ़ाई जाने वाली 20-रकात तराबीह की विशेष नमाज अदा की गई..जो कि रमजान की 27-वे रोजे तक चलेगी..जिले के कुछ मस्जिदो में मुस्लिम-समुदाय के द्वारा 11-दिनों में भी तराबीह की विशेष नमाज होती है..03-अप्रैल को रमजान के पहले रोजे की शुरुवात हुई..मुस्लिम समुदाय के मुस्लिम-महिलाएं-पुरुष-नवजवानों से लेकर 14-15 साल के बच्चों ने भी रमजान के पहले रोजे रखे और आने वाले तीस दिनों तक रमजान के रोजे रखेंगे।
*बहराइच-यूपी से मोहम्मद-आरिफ साहब के पीछे कोटा-मुस्लिम-जमात-तराबीह की विशेष नमाज अदा कर रही है:-----*
कोटा-मुस्लिम जमात के लोगो ने 02-अप्रैल को माहे-रमजान के मुबारक महीने की चांद नजर आने के बाद से अपने-अपने घरों सहित मस्जिदो को सजाना शुरू कर दिया...तेज-धूप व गर्मियों के बीच मुस्लिम-समुदाय के द्वारा रमजान के रोजे रखने के साथ-साथ मस्जिदो में इबादत शुरू कर दिया गया है..बहराइच यूपी से पहुचे हाफिजे-कुरान मोहम्मद आरिफ खान साहब के द्वारा तराबीह की विशेष नमाज अदा कराई जा रही है कोटा-मस्जिदे-ताहा के पेश ईमाम गुलजार साहब ने भी मुस्लिम-समुदाय के लोगो को रमजान की मुबारकबाद पेश की और सभी से इस मुबारक-महीने में रमजान के पूरे रोजे रखने के साथ कसरत से इबादत करने की बात कही गई इस रमजान में मुस्लिम-समुदाय के बच्चों-बच्चियों में इस बार अच्छा-खाशा उत्साह देखने को मिल रहा है..शाम को इफ्तारी (रोजे-खोलने) के वक्त मस्जिदो में तरह-तरह के पकवानों को लेकर मस्जिदो में बड़ो से लेकर बच्चे-बच्चियां काफी संख्या में पहुच रहे हैं इस बार का रमजान का त्यौहार मुस्लिम-समुदाय के लिए काफी-सारी खुशियां लेकर आया है।
कोविड-संक्रमण-कॉल के 02-सालो बाद मुस्लिम समुदाय को रमजान की खुशियां मनाने का मौका मिला:--
मार्च-2020-में कोविड-19 के संक्रमण कॉल के बाद पूरे देश मे लॉकडाउन लगा दिया गया था..लगातार लॉकडाउन के वजह से त्योहारों के देश कहे जाने वाला हिंदुस्तान में त्यौहार केवल कैलेंडर व घरों तक सीमित होकर रह गए थे...संक्रमण-कॉल के दौरान कोविड-गाइड-लाइन के कारण मुस्लिम-समुदाय को ईद की नमाज-ईदगाहों की जगह अपने-अपने घरों में अदा करनी पड़ी थी..नए कपड़ो व अन्य कई खुशियों की सौगात देने वाला रमजान के तीस रोजे के बाद ईदुल-फितर के त्यौहार का इंतजार मुस्लिम समुदाय के छोटे-बड़े बच्चो को बड़ी ही बेसब्री से रहता है..कोविड-संक्रमण-कॉल के दौरान हर समुदायों के त्यौहार लॉक डाउन-कोविड-गाइड लाइन के कारण बहुत ज्यादा प्रभावित हुई थी..लोग अपने घरों तक सीमित होकर रह गए थे।



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.