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Friday, April 15, 2022

बाघ को पकड़ने के लिए पिजरा का सहारा ले रहा है वनविभाग

 बाघ को पकड़ने के लिए पिजरा का सहारा ले रहा है वनविभाग



(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)


बालाघाट।तेज धूप बढ़ती गर्मी,सूखते तालाब,नदी नाले की वजह से जंगली जानवर मानव आबादी की तरफ रुख कर रहे है जिससे दोनों की जान को खतरा बना रहता है।कभी जानवर मानव के ऊपर हमलाकर घायल कर देता है तो कभी मानव वन्यजीव के ऊपर हमलाकर मार डालता है।यह सब हो रहा है भीषण गर्मी व प्राकृतिक से छेड़छाड़ करने की वजह से ।भीषण गर्मी के चलते व शिकार के लिए वन्यजीव मानव आबादी के तरफ आ जाते है जिसको पकड़ने के लिए वन विभाग द्वारा चिन्हित स्थान पर पिंजरा लगा रहा है। ताकि बाघ पिंजरे में कैद हो सकें। अभी कुछ दिनों से वन्यजीवों के द्वारा कई लोगों को घायल कर दिया गया जिससे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। इतना ही नहीं कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। मामला जिले के लालबर्रा क्षेत्र के कंजई के समीप भांडामुर्री गांव का है।

जानकारी के अनुसार वन विकास निगम लामता परियोजना मंडल बालाघाट परिक्षेत्र लालबर्रा की सीमा में कंजई से भांडामुर्री के सागर तालाब के पास लिपटन वन के जंगल में मंगलवार को दोपहर लगभग 12 बजे भांडामुर्री निवासी सुक्कलचंद पिता श्रीराम बोरवार (५०) पर बाघ ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग, एंबुलेंस सहित अन्य को दी थी। लेकिन समय पर कोई मौके पर नहीं पहुंचा। जिसके कारण ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने बालाघाट-सिवनी राज्य मार्ग पर करीब पंाच घंटे तक कंजई में चकाजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। इधर, घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। मौजूदा समय में महुआ के फूल गिर रहे हैं, जिसे चुनने के लिए बहुत ही कम संख्या में ग्रामीण जा रहे हैं। दूसरी ओर बाघ को पकडऩे के लिए वन विभाग द्वारा पिंजरा लगाया जा रहा है। मौजूदा समय में विभाग द्वारा केवल एक ही पिंजरा लगाया जा रहा है। ताकि बाघ पिंजरे में कैद हो सकें। विदित हो कि इसके पूर्व हिंसक वन्य जीव तेंदुए ने घर में घुसकर बकरियों का शिकार कर लिया था। इस तरह से वन्य जीवों का लगातार गांव में प्रवेश करना ग्रामीणों के लिए खतरा बना हुआ है।

गांव में पसरा रहता है सन्नाटा

इधर, घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग घरों से बाहर बहुत कम निकल रहे हैं। वे ही ग्रामीण घरों से बाहर आ रहे हैं, जिन्हें आवश्यक कार्य होता है। शेष ग्रामीण अपने ही घरों में कैद रहते हैं। वहीं दूसरी ओर वन विभाग भी ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के लिए लगातार अपील कर रहा है। ताकि हिंसक वन्य जीव और किसी ग्रामीणों पर हमला न कर दें।

गांव की ओर आ रहे हैं वन्य जीव

इधर, ग्रीष्म ऋतु के शुरू होते ही वन्य जीव जंगलों से गांव की ओर आ रहे हैं। दरअसल, जंगलों में पानी और भोजन दोनों की कमी के चलते वन्य जीवों ने गांव की ओर अपना रुख कर लिया है। हिंसक वन्य जीव जहां ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं। वहीं अन्य वन्य जीवों का ग्रामीणों द्वारा शिकार किया जा रहा है। वन्य जीवों का गांव की ओर आने का सिलसिला भांडामुर्री ही नहीं बल्कि पूरे जिले में बना हुआ है। हालांकि, वन विभाग द्वारा जंगलों में वन्य जीवों के लिए पानी के इंतजाम किए जाने का दावा करता जरूर है पर सब दावे खोखले साबित हो जाते है।

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