09 वर्षीय मासूम बालिका के साथ घिनौना कृत्य करने वाले आरोपी को 20 वर्ष का कारावास
सीएन आई न्यूज सिवनी म.प्र.से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
ऐसा कृत्य किया जाना समाज में एक बुरे परिणाम की ओर इंगित करता है
जिला सिवनी के पुलिस थाना कुरई के प्रकरण को माननीय पुलिस अधीक्षक के द्वारा जघन्य सनसनी खेज की श्रेणी में रखा गया था। घटना दिनांक 31 अक्टूबर 2020 को प्रार्थिया ने रिपोर्ट लेखबद्ध करवायी थी कि वह अपने पति एंव अपने बेटे के साथ सुबह 09 बजे खेत चली गयी थी और घर पर उसकी नाबालिक बेटिया उम्र 09 एवं 05 वर्ष की थी। जब शाम को वह घर वापस आयी तो नाबालिक पीड़िता उम्र 09 वर्ष ने बताया कि रिश्ते का चाचा आरोपी अनिल उइके ऊर्फ पांगा उम्र 22 वर्ष आया और कुरकुरे खाने के लिए हम दोनो को 05 रुपए दिए और मुझे अपने साथ उसके घर के अंदर लेकर गया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और मेरे साथ गलत काम किया और घटना बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस अधीक्षक सिवनी के द्वारा प्रकरण को जघन्य सनसनीखेज की श्रेणी में रखा गया
सूचना मिलने पर थाना कुरई की पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 490/2020 धारा 376, 376 (ए)(बी), 342 भादवि0 एवं धारा 5एम, 6 लैंगिक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को दिनांक 01 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी दिनांक से आज निर्णय दिनांक 20 मई 2022 तक आरोपी विगत लगभग 18 माह से जेल में निरूद्ध है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिवनी के द्वारा प्रकरण को जघन्य सनसनीखेज की श्रेणी में रखा गया।
विशेष लोक अभियोजक श्रीमति दीपा ठाकुर द्वारा गवाहों एवं सबूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया
विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायाधीश (पाक्सो), जिला सिवनी के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले में शासन की ओर से श्रीमति दीपा ठाकुर, जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक के द्वारा विशेष रूचि लेकर गवाहों एवं सबूतों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया एवं तर्क दिया गया कि अभियुक्त जो पीड़िता का रिश्तेदार है उसके द्वारा मासूम पीड़िता के साथ ऐसा घिनौना कृत्य किया गया है, ऐसा कृत्य किया जाना समाज में एक बुरे परिणाम की ओर इंगित करता है, जिला अभियोजन अधिकारी सिवनी के सबूतो एवं तर्को से सहमत होते हुए दिनांक 20 मई 2022 को निर्णय पारित करते हुए आरोपी धारा- 342 भा0द0वि में 6 माह के सश्रम कारावास एंव 500 रुपए के अर्थदण्ड एंव धारा 5 एम सहपठित धारा 6 पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष सश्रम कारावास एंव 1000 रुपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।



















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