केंद्र-सरकार ने 2013-14 से 2021-22 14-जुलाई तक 14-करोड़ 34-लाख 12-हजार 06-सौ 35-रुपए/राष्ट्रीय-ग्रामीण-स्वास्थ-मिशन के तहत जारी किये थे।
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
कोटा...राष्ट्रीय-ग्रामीण-स्वास्थ-मिशन के अंर्तगत 14-करोड़ 34-लाख-12-हजार 06-सौ पैंतीस रुपए का लेखा-जोखा सहित कोविड-कॉल में जीवनदीप-समिति को राज्य-व केंद्र सरकार द्वारा मिलाकर 22-लाख की राशि..सरकारी वाहनों के कंडम-होने के बाद दूसरी लहर से लेकर तीसरी-लहर के आशंकाओं के बीच पूर्व व वर्तमान समय में सतत-रूप से चलने वाली ट्रेवल्स की प्रायवेट-वाहनों में लाखो-रुपए का किराया स्वास्थ-विभाग के मातहतों के द्वारा जो कि फूंक दिया गया..और वर्तमान में भी सतत-रूप फूंका जा रहा है..इन वाहनों की सेवाएं-आमजनों के स्वास्थ-सेवाएं में कम अपने और अपने समकक्ष-मातहतों के सेवाए में ज्यादा उपयोग हो रहा है.
.राज्य-सरकार द्वारा आमजनों के लिए प्रदान की जानी वाली राशि का आपसी-बंदरबांट कैसे होता है..अगर ये देखना है..तो राज्य सरकार के वर्तमान मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के स्वास्थमंत्री-स्वास्थ-सचिव को बिलासपुर-सीएचएमओ-कार्यालय सहित कोटा-सीएचसी में तत्कालीन-सरकार के समय से लेकर वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सालो से अंगद की पैर की तरह जमे रेगुलर-अधिकारी-कर्मचारी सहित खासकर कोटा-सीएचसी में "मदाम" संविदा-अधिकारी-कर्मचारीयो व अन्य मातहतों के संपति की जांच के लिए आर्थिक-अन्वेषण-ब्यूरो सहित एंटी-करप्शन-ब्यूरो को जांच के लिए सौप देना चाहिए जिसके बाद कौन-कौन बना है.. करोड़पति की जानकारी बाहर निकल आएगी।
*सूचना-के अधिकार से मिली जानकारी से हुआ पूरा खुलासा---*
कोटा-सीएचसी के समस्त पीएचसी के जीवनदीप-समिति में कुल जमा-राशि "है-या-थी" सहित कोटा-सीएचसी में चल रहे ट्रेवल्स के प्रायवेट-वाहनों के शासकीय-कार्यो में कम व्यक्तिगत-कार्यो के लाखों-रुपए भुगतान की राशि शासन के मत्थे-फोड़कर अपने-अपने "अरमान" पूरे किए जा रहे है कोविड-कॉल में कोटा सीएचसी में सतत रूप से चलने वाली "अरमान-ट्रेवल्स" की वाहन Tata-zest क्रमांक-CG-10-AC-3122 16-जुलाई-2020 से लेकर 15-अक्टूबर-2020 तक लगभग 92-दिन 14030-किलोमीटर चली..लॉगबुक के हिसाब से जिसका की प्रतिदिन 1496/₹ के हिसाब से 9200/km का 1,37,632/₹ वही पर अतिरिक्त किलोमीटर चले 4830/km का 8.75/₹ की दर से 42,262/₹ कुल राशि 1,79,894/₹ वही पर अरमान ट्रेवल्स की दूसरी वाहन क्रमांक-CG-10-AJ-0830 26-मई-2020 से 15-अक्टूबर-2020 लगभग 112-दिन 14300-/km-का प्रतिदिन 1496/₹ की दर से 2,13,928,00/₹ वही पर अतिरिक्त-किलोमीटर 2289/km चले वाहन का 8.75/₹ की दर से अतिरिक्त-किराया 20028.75/₹ कुल राशि 2,33,956/₹ कुल मिलाकर दोनों वाहनों का 4-लाख 13-हजार 849-₹ "अरमान-ट्रेवल्स" को भुगतान किया गया..मजेदार बात ये है..कि बिल के आधार पर दोनों वाहने 30998-किलोमीटर चली है और इसी आधार पर भुगतान किया गया है..वही अगर हम लॉगबुक के आधार पर हिसाब लगाए तो कुल-11135-किलोमीटर दोनों वाहने चली है मतलब 19263--हवा में चला दी गई, आरटीआई से मिली जानकारी के बाद लगातार इस पूरे मामले की खबर का खुलासा होने के बाद सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली कि "अरमान-ट्रेवल्स" के चलने वाले कोविड-वाहनों के लॉगबुक में हस्ताक्षर टेंगनमाडा के स्वास्थ-कर्मी से कराया जाता रहा है..जो कि जानकारी मिलने के बाद उस स्वास्थ-कर्मी ने कोटा-सीएचसी में उपस्थित होकर इस बारे में आपत्ति दर्ज कराई ..साथ ही ट्रेवल्स-के संचालक पर कानूनी-कार्यवाही करने की बात कही गई।
*कोटा-सीएचसी के तत्कालीन-बीएमओ व वर्तमान बीएमओ-"कहिंन"------*
राष्ट्रीय-ग्रामीण-स्वास्थ-मिशन.. के तहत जारी करोड़ो रूपये कोविड के दौरान केंद्र सहित राज्य-सरकार द्वारा लाखो-रुपए जारी राशि के भी सदुपयोग कम दुरुपयोग संबंधित सवालों पर कोटा सीएचसी के तत्कालीन-बीएमओ ने अपने हाथ खड़े कर लिए थे..वही पर वर्तमान में नवपदस्थ-बीएमओ निखलेश गुप्ता ने इस बारे जानकारी नही होने की बात कहते हुए पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद जवाब देने की बात कही है..वैसे तो शासकीय-नियमो के हिसाब से कोटा-सीएचसी में बीएमओ का पद बड़ा होता है..इस बात की तस्दीक वर्तमान बीएमओ द्वारा कही गई..कि बीएमओ का पद बड़ा होता है..पर वर्तमान व पूर्व की स्थिति पर नजर डाले तो कोटा-सीएचसी में "बीपीएम" का पद ही बड़ा नजर आता है जबकि "बीपीएम" का पद संविदा है शासन को चाहिए कि "बीपीएम" के वर्तमान व पूर्व में किए गए बेहतर-कार्यकुशलता-स्वास्थ-योजनाओं के सही तरीके से क्रियान्वन को देखते हुए "बीएमओ" के पद को संविदा करते हुए "बीपीएम" के पद को रेगुलर कर देना चाहिए।




















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