खैरागढ़. हसदेव अरण्य
क्षेत्र में हो रहे कोयला उत्खनन को तत्काल बंद कर क्षेत्र के आदिवासियों का सम्मान करने हसदेव अरण्य में वृक्षों की कटाई बंद करने को लेकर शिवसेना पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम टंकेश्वर साहू को ज्ञापन सौंपा। खैरागढ़ जिला शिवसेना ईकाई के सचिव श्रीराम ठाकुर की अगुवाई में सौंपे गए ज्ञापन में शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि हसदेव अरण्य राज्य के पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में स्थित है।
हसदेव इलाके में परसा कोल ब्लाक, परसा ईस्ट बासेन कोयला खनन की अनुमति से चार गांव पूर्ण रूप से उजड़ जाएगा।
देव स्थल को उजड़ने से रोकने प्रदेश भर के आदिवासी समाज द्वारा विरोध किया जा रहा है। खनन प्रस्ताव में कई वैधानिक खामियां है। प्रभावित क्षेत्र अरण्य इको सेंसिटिव इलाका है।
हसदेव अरण्य समृद्ध जैव विविधता से परिपूर्ण वन क्षेत्र है। आदिवासियों के विस्थापन से समाज की प्राकृतिक आस्था प्रणाली का विनाश होगा।
हसदेव अरण्य संरक्षित क्षेत्र में खनन होने से हसदेव बांगो परियोजना सहित कई सिंचाई योजनाएं प्रभावित होगी प्रभावित ग्रामों में वनअधिकार कानूनी मान्यता का भी पूर्ण उल्लघंन हो रहा है। शिवसेना ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र के आदिवासियों द्वारा कई वर्षों से अपनी जायज मांगो को लेकर आंदोलन भी किया जा रहा है। अत: हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसाकोल ब्लॉक, परसा ईस्ट केते बासेन में कोयला खनन को तत्काल बंद कर क्षेत्र की आदिवासियों की जायज मांगाें को सम्मान पूर्वक पूरा कर सरकार मांगों पर कार्रवाई करें। इस दौरान मुकेश श्रीवास, नरेंद्र सेन, सुखराम साहू सहित अन्य शिव सैनिक मौजूद रहे।
*सीएनआई न्यूज़ खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट *


















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