सीएन आई न्यूज सिवनी म.प्र.से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
सिवनी। पेंच टाइगर रिजर्व में 21 मई शनिवार को खवासा बफर की सफारी में गए पर्यटकों को अद्भुत नजारा देखने को मिला। जंगल की कच्ची सड़क पर आगे बढ़ रहे बाघ ’जंगल का राजा’ का सामना जंगली भेड़ियों (इंडियन वुल्फ) के झुंड से हो गया। जंगली भेड़ियों ने बाघ को आगे बढ़ता देख तेज आवाज में चिल्लाना शुरू कर दिया। भेड़ियों के आक्रमक अंदाज को देखकर जंगल का राजा बाघ आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
भेड़ियों के झुंड से डरकर बाघ ने अपने कदम पीछे खींच लिए और उसी रास्ते से वापस लौट गया। सफारी पर गए पर्यटक इस दुर्लभ नजारे को देखकर रोमांचित हो गए। पर्यटकों ने मोबाइल पर इसका वीडियो रिकार्ड कर लिया। 30 सेकंड के वीडियो में झुंड में शामिल एक भेड़िया तो बाघ की ओर आगे बढ़कर चिल्लाता दिखाई दे रहा है। हालांकि बाघ ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की और वापस लौट गया।
माेगली की जन्म स्थली है पेंच: गौरतलब है कि, अंग्रेजी लेखकर रूडियार्ड किपलिंग द्वारा लिखी गई कहानी ’द जंगल बुक’ के मशहूर पात्र भेड़िया बालक ’मोगली’ की जन्म स्थली सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व को माना जाता है।कहानी के अनुसार जंगल में शेर खान का मुकाबला जंगल में मौजूद भेड़िया बालक से हाेता है, जहां अपने साथियों के साथ मिलकर भेड़िया बालक शेर खान को भगा देता है।
\ जानकारों के मुताबिक पहली बार पेंच टाइगर रिजर्व में इस तरह का नजारा देखने को मिला है, जब जंगली भेड़ियों से सामना होने पर बाघ डर कर वापस लौट गया हो।पेंच राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों का कहना है कि, यह सामान्य बात है। बाघ से सामना होने पर जंगल का कोई भी जानवर अपना बचाव करने का प्रयास करता है। आक्रामक वन्यप्राणियों को देखकर कई बार बाघ पीछे हट जाता है। जबकि कई बार ऐसा नहीं होता है।


















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