
सीएन आई न्यूज सिवनी म.प्र.से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
सिवनी/सिवनी जिले में वर्षों से अनियंत्रित तौर पर रासायनिक खादों का उपयोग फसलों की पैदावार को बढा़ने के लिए किसान कर रहे हैं। कृषि विभाग व वैज्ञानिक किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती अपनाने का संदेश अवश्य देते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य शून्य नजर आते है। सबसे बुरी स्थिति केवलारी विधानसभा क्षेत्र की है
जहां नहरों का पानी उपलब्ध होने के कारण किसान वर्षों से यूरिया व अन्य खादों का उपयोग कर जमीनों का दोहन कर रहा हैं। जिले में जैविक व प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य शील पीसीएम आर्गेनिक फार्म के संचालन अंकित मालू कृषि एवं ग्राम विकास विभाग प्रजापिता ब्रम्हकुमारी विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर किसान अभियान आरंभ किया गया है।
विगत 21 मई को प्रचार वाहन के साथ विशेषज्ञ केवलारी एवं सुनवारा के विभिन्न ग्रामों में पहुंचे जहां उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से किसानों को जैविक व प्राकृतिक खेती से होने वाले फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अभियान का मुख्य उददेश्य किसानों को कर्तव्यनिष्ठ बनाकर शाश्वत यौगिक खेती को अपनाना, बीज प्रक्रिया करने के पश्चात बुआई करना,मेडो़ं पर वृक्ष लगाकर उन्हें जीवित रखना, फसलों के अवशेषों को ना जलाना तथा राजयोग के माध्यम से स्वास्थ मन तथा व्यसन मुक्त जीवन अपनाना है।
यात्रा के साथ निकले अंकित मालू ने बताया कि इस दौरान उन्हें किसानों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। रात एवं सुबह होने वाले कार्यक्रमों में किसानों को गौमूत्र, एवं मठे का उपयोग कर फसलों का प्राकृतिक उत्पादन लेने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान कृषकों को शपथ दिलाकर उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि वे जल्द से जल्द रासायनिक खादों का उपयोग बंद कर प्राकृतिक खेती आरंभ कर दें ताकि जिले की स्थिति पंजाब जैसे राज्यों की तरह ना हो जाए।
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